Advertisements
Advertisements
प्रश्न
'उड़ते खग' और 'बरसाती आँखों के बादल' में क्या विशेष अर्थ व्यंजित होता है?
टीपा लिहा
Advertisements
उत्तर
'उड़ते खग' में अप्रवासी लोगों का विशेष अर्थ व्यंजित होता है। कवि के अनुसार जिस देश में बाहर से पक्षी आकर आश्रय लेते हैं, वह हमारा देश भारत है। अर्थात भारत बाहर से आने वाले लोगों को आश्रय देता है। भारत लोगों को आश्रय ही नहीं देता बल्कि यहाँ आकर उन्हें सुख और शांति भी प्राप्त होती है। यह भारत की विशेषता है।
'बरसाती आँखों के बादल' पंक्ति से विशेष अर्थ यह व्यंजित होता है कि भारतीय अनजान लोगों के दुख में भी दुखी हो जाते हैं। वह दुख आँखों में आँसू के रूप में निकल पड़ता है।
shaalaa.com
कार्नेलिया का गीत
या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
संबंधित प्रश्न
कार्नेलिया का गीत कविता में प्रसाद ने भारत की किन विशेषताओं की ओर संकेत किया है?
काव्य-सौंदर्य स्पष्ट कीजिए-
हेम कुंभ ले उषा सवेरे-भरती ढुलकाती सुख मेरे
मदिर ऊँघते रहते सब-जगकर रजनी भर तारा।
‘जहाँ पहुँच अनजान क्षितिज को मिलता एक सहारा’- पंक्ति का आशय स्पष्ट कीजिए।
कविता में व्यक्त प्रकृति-चित्रों को अपने शब्दों में लिखिए।
निम्नलिखित काव्यांश की सप्रसंग व्याख्या कीजिए।
|
लघु सुरधनु से पंख पसारे-शीतल मलय समीर सहारे। उड़ते खग जिस ओर मुँह किए-समझ नीड़ निज प्यारा। बरसाती आँखों के बादल-बनते जहाँ भरे करुणा जल। लहरें टकराती अनंत की-पाकर जहाँ किनारा। हेम कुंभ ले उषा सवेरे-भरती ढुलकाती सुख मेरे। मदिर ऊँघते रहते जब-जगकर रजनी भर तारा। |
