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तुम्हें विश्वेश्वरैया की कौन सी बात सबसे अच्छी लगी? क्यों?

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प्रश्न

तुम्हें विश्वेश्वरैया की कौन सी बात सबसे अच्छी लगी? क्यों?

टीपा लिहा
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उत्तर

विश्वेश्वरैया जिज्ञासु, विचारशील, मेहनती बालक था। उसकी यह तीनों बातें हमें बहुत अच्छी लगीं। जिज्ञासा के कारण वह हर वस्तु के बारे में जानने को उत्सुक रहता था। विचारशील होने के कारण अपने आस-पास होने वाली बातों के विषय में गहराई से सोचता था। मेहनती इसलिए था कि अपने लक्ष्य को पाने के लिए कड़ा परिश्रम करने से भी पीछे नहीं रहता था।

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गद्य (Prose) (Class 7)
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 9: विश्वेश्वरैया - अभ्यास [पृष्ठ ५५]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi - Durva Part 2 Class 7
पाठ 9 विश्वेश्वरैया
अभ्यास | Q 1. ख | पृष्ठ ५५

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तुमने अब तक पाठ्यपुस्तकों के अतिरिक्त कौन-कौन सी पुस्तकें पढ़ी हैं? उनमें से कुछ के नाम लिखो।


किसी भी वाक्य के दो अंग होते हैं- उद्देश्य और विधेय। वाक्य का विश्लेषण करने में वाक्य के इन दोनों खंडों और अंगों को पहचानना होता है।

वाक्य- मेरा भाई मोहन कक्षा सात में हिंदी पढ़ रहा है।

 

उद्देश्य विधेय

मुख्य उद्देश्य

कर्ता का विशेषण

क्रिया

कर्म

कर्म का विशेषण

पूरक

विधेय विस्तारक

मोहन

मेरा भाई

पढ़ रहा है

हिंदी

सात कक्षा में

नीचे लिखे वाक्य का विश्लेषण करो।

मोहन के गुरू जी श्याम पट्ट पर प्रश्न लिख रहे हैं।


आगे 'किताबें' नामक कविता दी गई है। उसे पढ़ो और उस पर आपस में बातचीत करो।


पढ़ो और समझो

बालक - बालिका


विश्वेश्वरैया अपने मन में उठे सवालों का जवाब अपने अध्यापकों और बड़ों से जानने की कोशिश करते थे। क्या तुम अध्यापकों से पाठ्य पुस्तकों के सवालों के अतिरिक्त भी कुछ सवाल पूछते हो? कुछ सवालों को लिखो जो तुमने अपने अध्यापकों से पूछे हों।


नीचे पाठ में से चुनकर कुछ शब्द दिए गए हैं। तुम इनका प्रयोग अपने ढ़ग के वाक्य बनाने में करो।

(क) हरे-भरे

(ख) उमड़-घुमड़

(ग) एक-दूसरे

(घ) धीरे-धीरे

(ङ) टप-टप

(च) फटी-पुरानी


इस एकाँकी का कक्षा में अभिनय करो। तुम बिना किसी अतिरिक्त सामग्री के भी नाटक का मंचन कर सकते हो।


“वे भी, जान पड़ता है, पार्क में खेलने निकल गए हैं।”

“क्यों भई, किस तरह देते हो मुरली?”

“दादी, चुन्नू-मुन्नू के लिए मिठाई लेनी है। जरा कमरे में चलकर ठहराओ।”

• भाषा के ये प्रयोग आजकल पढ़ने-सुनने में नहीं आते। आप ये बातें कैसे कहेंगे?


इन वाक्यों को पढ़िए

सड़क के किनारे-किनारे पेड़ लगे हैं।
आज दूर-दूर तक वर्षा होगी।

  • इन वाक्यों में होते-होते’ की तरह ‘किनारे-किनारे’ और ‘दूर-दूर’ शब्द दोहराए गए हैं। पर हर वाक्य में अर्थ भिन्न है। किनारे-किनारे का अर्थ है-किनारे से लगा हुआ और दूर-दूर का-बहुत दूर तक।
  • आप भी निम्नलिखित शब्दों का प्रयोग करते हुए वाक्य बनाइए और उनके अर्थ लिखिएठीक-
ठीक घड़ी-घड़ी कहीं-कहीं घर-घर क्या-क्या

माधवदास ने अंत में चिड़िया को कैसे पकड़वाना चाहा?


पिछली शताब्दी में खानपान की बदलती हुई तसवीर का खाका खींचें तो इस प्रकार होगा-
सन् साठ का देशक – छोले-भटूरे
सन् सत्तर का दशक – इडली, डोसा
सन् अस्सी का दशक – तिब्बती (चीनी) भोजन
सन् नब्बे का दशक – पीजा, पाव-भाजी
इसी प्रकार आप कुछ कपड़ों या पोशाकों की बदलती तसवीर का खाका खींचिए।


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वाक्य जोड़ो।

नमूना → सहेलियाँ नाचती हैं। वे गाती भी हैं।
  सहेलियाँ नाचती-गाती हैं।

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