Advertisements
Advertisements
प्रश्न
तुम्हें क्या लगता है, इस पाठ का नाम 'बोलती इमारतें' क्यों रखा गया है?
Advertisements
उत्तर
इस पाठ में बहुत सारी इमारतों के बारे में बताया गया है इसलिए इस पाठ का नाम बोलती इमारतें बिल्कुल सही है।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
सीधी-सपाट दीवार से झाँकने में और एक ऊँचे बुर्ज से झाँकने में क्या अंतर होगा?
फ़व्वारे कैसे चलते होंगे?
गोलकोंडा के नक्शे को देखो - चारों दिशाएँ तीर के निशान से दिखाई गई हैं।
(क) अगर तुम बोडली दरवाज़े से किले के अंदर देख रहे हो तो कटोरा हौज़ किस दिशा में है?
(ख) अगर कोई बंजारा दरवाज़े के अंदर आ रहा है तो कटोरा हौज़ उसकी किस दिशा में होगा?
(ग) बाला हिसार से तुम किस दिशा में चलोगे कि मोती महल पहुँच जाओ?
(घ) किले की बाहरी दीवार पर कितने दरवाज़े दिख रहे हैं?
(ङ) गिनकर बताओ किले में कितने महल हैं?
(च) पानी के लिए क्या-क्या इंतज़ाम दिख रहे हैं? जैसे-बावड़ी, कुँए, हौज।

क्या तुमने हाल ही में सुना है कि किसी देश ने दूसरे देश पर हमला किया हो?
किस-किस तरह का नुकसान हुआ?
तुम्हारे घर में या आस-पास काँसे की कौन-कौन-सी चीज़ें थीं या आज भी हैं? रंग से पहचानने की कोशिश करो कि कौन-सी चीज़ ताँबे की, पीतल की और काँसे की बनी है?
अब क्या कुछ पता चला कि किस तरह पानी को कुँए से निकालकर टैंकों में भरा जाता होगा?
अपने आस-पास देखो और पता करो कि आज ज़मीन के नीचे से पानी को ऊपर तक कैसे-कैसे चढ़ाया जाता है?
उसमें कौन लोग रहते होंगे?
वहाँ क्या-क्या काम होता होगा?
