मराठी

'तुम्हें बताऊँगी कि हमारे समय और तुम्हारे समय में कितनी दूरी हो चुकी है।' − इस बात के लिए लेखिका क्या-क्या उदाहरण देती हैं?

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

'तुम्हें बताऊँगी कि हमारे समय और तुम्हारे समय में कितनी दूरी हो चुकी है।' − इस बात के लिए लेखिका क्या-क्या उदाहरण देती हैं?

टीपा लिहा
Advertisements

उत्तर

लेखिका के अनुसार आज और कल के समय में जो दूरी है वो इस प्रकार है − उस समय मनोरंजन का साधन ग्रामोफ़ोन था; परन्तु आज उसका स्थान रेडियो और टेलीविजन ने ले लिया है। पहले बच्चे कुलफ़ी खाना पसन्द किया करते थे; परन्तु आज उसकी जगह आइसक्रीम ने ले ली है। उस समय खाने में केवल कचौड़ी-समोसे होते थे, आज उनकी जगह पैटीज़ ने ले ली है। शहतूत, फ़ालसे और खसखस के शरबत का स्थान आजकल पेप्सी और कोक ने ले लिया है। यही वो दूरी है जो लेखिका ने बताई है।

shaalaa.com
गद्य (Prose) (Class 6)
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 2: बचपन - संस्मरण से [पृष्ठ १०]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi - Vasant Part 1 Class 6
पाठ 2 बचपन
संस्मरण से | Q 2 | पृष्ठ १०

संबंधित प्रश्‍न

रामायण के रचयिता कौन थे?


राम कथा से तुम्हें क्या शिक्षा मिलती है?


लेखिका बचपन में कौन-कौन सी चीजें मज़ा ले-लेकर खाती थी ?


(क) केशव ने झुँझलाकर कहा
(ख) केशव रोनी सूरत बनाकर बोला
(ग) केशव घबराकर उठा
(घ) केशव ने टोकरी को एक टहनी से टिकाकर कहा.
(ङ) श्यामा ने गिड़गिड़ाकर कहा.
ऊपर लिखे वाक्यों में रेखांकित शब्दों को ध्यान से देखो ये शब्द रीतिवाचक क्रियाविशेषण का काम कर रहे हैं क्योंकि ये बताते हैं कि कहने, बोलने और उठने की क्रिया कैसे हुई। 'कर' वाले शब्दों के क्रियाविशेषण होने की एक पहचान यह भी है कि ये अकसर क्रिया से ठीक पहले आते हैं। अब तुम भी इन पाँच क्रियाविशेषणों का वाक्यों में प्रयोग करो।


गीत में सीने और बाँहों को फ़ौलादी क्यों कहा गया है?


इस गीत में परबत, सीस, रस्ता, इंसाँ शब्दों के प्रयोग हुए हैं। इन शब्दों के प्रचलित रूप लिखो।


कल गैरों की खातिर की, आज अपनी खातिर करना”-
इस वाक्य को गीतकार इस प्रकार कहना चाहता है
(तुमने) कल गैरों की खातिर (मेहनत) की, आज (तुम) अपनी खातिर करना।

इस वाक्य में ‘तुम’ कर्ता है जो गीत की पंक्ति में छंद बनाए रखने के लिए हटा दिया गया है। उपर्युक्त पंक्ति में रेखांकित शब्द ‘अपनी’ का प्रयोग कर्ता ‘तुम’ के लिए हो रहा है, इसलिए यह सर्वनाम है। ऐसे सर्वनाम जो अपने आप के बारे में बताएँ निजवाचक सर्वनाम कहलाते हैं। (निज का अर्थ ‘अपना’ होता है।)
निजवाचक सर्वनाम के तीन प्रकार होते हैं जो नीचे दिए वाक्यों में रेखांकित हैं-
मैं अपने आप (या आप) घर चली जाऊँगी।
बब्बन अपना काम खुद करता है।
सुधा ने अपने लिए कुछ नहीं खरीदा।
अब तुम भी निजवाचक सर्वनाम के निम्नलिखित रूपों का वाक्यों में प्रयोग करो।

  1. अपने को
  2. अपने से
  3. अपना
  4. अपने पर
  5. अपने लिए
  6. आपस में

मंगल ग्रह के लोगों के लिए अब अंतरिक्ष यान छोड़ना असंभव क्यों है?


टिकटों की तरह ही बच्चे और बड़े दूसरी चीज़ें भी जमा करते हैं। सिक्के उनमें से एक हैं। तुम कुछ अन्य चीज़ों के बारे में सोच सकते हो जिन्हें जमा किया जा सकता है? उनके नाम लिखो।


कई लोग चीजें इकट्ठी करते हैं और ‘गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज करवाते हैं। इसके पीछे उनकी क्या प्रेरणा होती होगी। सोचो और अपने दोस्तों से इस पर बातचीत करो।


बहुविकल्पीय प्रश्न
मोहन कैसा लड़का था?


वैद्य जी ने मोहन को देखने के बाद क्या कहा?


बहुविकल्पीय प्रश्न
नागराजन को लड़के क्यों घेरे रहते थे?

राजप्पा को अपने अलबम से चिढ़ क्यों हो गई थी?

लेखिका को झरने का पानी कब आनंदित करता है?

बहुविकल्पी प्रश्न
नेहरू जी ने यह पत्र किसको लिखा था?


  1. इस तसवीर में तुम्हारी पहली नज़र कहाँ जाती है?
  2. गली में क्या-क्या चीजें हैं?
  3. इस गली में हमें कौन-कौन सी आवाजें सुनाई देती होंगी?
    सुबह के वक्त दोपहर के वक्त
    शाम के वक्त रात के वक्त
  4. अलग-अलग समय में ये गली कैसे बदलती होगी?
  5. ये तारें गली को कहाँ-कहाँ जोड़ती होंगी?
  6. साइकिलवाला कहाँ से आकर कहाँ जा रहा होगा?

बहुविकल्पी प्रश्न

लोकगीतों की रचना में किसका विशेष योगदान है?


गांधी द्वारा भोजन परोसने के कारण आश्रमवासियों को क्या सहना पड़ता था?


बहुविकल्पीय प्रश्न

भारत में बाँस किस प्रांत में अधिक पाया जाता है?


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×