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प्रश्न
तुम पतंग के साथ सैर-सापटे पर गईं। वहाँ तुमने क्या क्या देखा?
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उत्तर
एक दिन मैं पतंग के साथ सैर-सापटे पर गई। मैंने देखा कि धरती की हर वस्तु आकाश से बहुत छोटी दिखाई देती है। आसमान से लोग चींटियों के समान लग रहे थे। धरती पर खेत हरी चादर के समान प्रतीत हो रहे थे। बादल तथा पक्षी आकाश में हमारे साथ उड़े रहे थे। मैं पतंग के साथ आकाश में उड़ने का आनंद ले रही थी। हवा बहुत तेज़ थी। चारों ओर दूर-दूर तक आकाश दिखाई दे रहा था।
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पतंग का चित्र बनाओ |
अब कविता बनाएँ
सर-सर सर-सर उड़ी पतंग
घंटी बोली ______ ______ ______
उड़ता कपड़ा ______ ______ ______
______ ______ खन-खन-खन
पतंग कटकर कहाँ-कहाँ गिर सकती है?
कागज़ से कुत्ता बनाओ |
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सुनो और बोलो
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फिर अध्यापक केवल आधा वाक्य बोलें और विद्यार्थी उसे पूरा करके दोहराएँ।
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अध्यापक:
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