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तुम पतंग के साथ सैर-सापटे पर गईं। वहाँ तुमने क्या क्या देखा?

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प्रश्न

तुम पतंग के साथ सैर-सापटे पर गईं। वहाँ तुमने क्या क्या देखा?

टीपा लिहा
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उत्तर

एक दिन मैं पतंग के साथ सैर-सापटे पर गई। मैंने देखा कि धरती की हर वस्तु आकाश से बहुत छोटी दिखाई देती है। आसमान से लोग चींटियों के समान लग रहे थे। धरती पर खेत हरी चादर के समान प्रतीत हो रहे थे। बादल तथा पक्षी आकाश में हमारे साथ उड़े रहे थे। मैं पतंग के साथ आकाश में उड़ने का आनंद ले रही थी। हवा बहुत तेज़ थी। चारों ओर दूर-दूर तक आकाश दिखाई दे रहा था।

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पतंग
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 11: पतंग - पतंग [पृष्ठ ७८]

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एनसीईआरटी Hindi - Rimjhim Class 1
पाठ 11 पतंग
पतंग | Q 3.1 | पृष्ठ ७८

संबंधित प्रश्‍न

‘सबसे तेज़ बौछारें गयीं, भादों गया’ के बाद प्रकृति में जो परिवर्तन कवि ने दिखाया है, उसका वर्णन अपने शब्दों में करें।


सोचकर बताएँ कि पतंग के लिए सबसे हलकी और रंगीन चीज़, सबसे पतला कागज़, सबसे पतली कमानी जैसे विशेषणों का प्रयोग क्यों किया है?

बिंब स्पष्ट करें-

सबसे तेज़ बौछारें गयीं भादो गया
सवेरा हुआ
खरगोश की आँखों जैसा लाल सवेरा
शरद आया पुलों को पार करते हुए
अपनी नयी चमकीली साइकिल तेज़ चलाते हुए
घंटी बजाते हुए ज़ोर-ज़ोर से
चमकीले इशारों से बुलाते हुए और
आकाश को इतना मुलायम बनाते हुए
कि पतंग ऊपर उठ सके।


निम्नलिखित पंक्तियों को पढ़ कर प्रश्नों का उत्तर दीजिए।

(क) छतों को भी नरम बनाते हुए
दिशाओं को मृदंग की तरह बजाते हुए

(ख) अगर वे कभी गिरते हैं छतों के खतरनाक किनारों से
और बच जाते हैं तब तो
और भी निडर होकर सुनहले सूरज के समान आते हैं।

  • दिशाओं को मृदंग की तरह बजाने का क्या तात्पर्य है?
  • जब पतंग सामने हो तो छतों पर दौड़ते हुए क्या आपको छत कठोर लगती है?
  • खतरनाक परिस्थितियों का सामना करने के बाद आप दुनिया की चुनौतियों के सामने स्वयं को कैसा महसूस करते हैं?

आसमान में रंग-बिरंगी पतंगों को देखकर आपके मन में कैसे खयाल आते हैं? लिखिए।


‘रोमांचित शरीर का संगीत’ का जीवन के लय से क्या संबंध है?


हिंदी साहित्य के विभिन्न कालों में तुलसी, जायसी, मतिराम, द्विजदेव, मैथिलीशरण गुप्त आदि कवियों ने भी शरद ऋतु का सुंदर वर्णन किया है। आप उन्हें तलाश कर कक्षा में सुनाएँ और चर्चा करें कि पतंग कविता में शरद ऋतु वर्णन उनसे किस प्रकार भिन्न हैं?

आपके जीवन में शरद ऋतु क्या मायने रखती है?


पतंग का चित्र बनाओ | 


कागज़ से कुत्ता बनाओ | 


ओखली

ओ ख ली

पतंग

प तं ग

चाबी

चा बी

खरगोश

ख र गो श

डाकिया

डा कि या

शलगम

श ल ग म

  • श्यामपट पर पतंग लिखें और उसका चित्र दिखाते हुए विद्यार्थियों से बार-बार बुलवाएँ।
  • इसी तरह ओखली, खरगोश, चाबी, डाकिया, शलगम के चित्र दिखाएँ। वर्णों की अलग-अलग पहचान करवाते हुए बार-बार बुलवाएँ।

सुनो और बोलो

अंग  अंदर    काका खाक चिमनी
शबनम शंख बंदर चाचा डाक
खिड़की शरबत गंगा पतंग आशा
खीर गलीचा शलगम पंपा चंदन
शीशा चोर बगीचा सरकस लंका
मंगल शाखा मोर शिकारी सरगम
शंका शंकर काशी शोर किनारी

फिर अध्यापक केवल आधा वाक्य बोलें और विद्यार्थी उसे पूरा करके दोहराएँ।

अध्यापक:

लीला रमेश की ______ है।


फिर अध्यापक केवल आधा वाक्य बोलें और विद्यार्थी उसे पूरा करके दोहराएँ।

अध्यापक:

चाची जी का मकान ______ है।


वस्तुओं/चित्रों को दिखाते हुए अध्यापक प्रश्न पूछें और विद्यार्थी उत्तर दें।

अध्यापक:

कोयल काली होती है?


अध्यापक बोलेंगे और विद्यार्थी दोहराएँगे

पिता जी की अलमारी बड़ी है। चाचा जी की अलमारी नई है।

शीला का कमरा बड़ा है। मोहन का कमरा बड़ा नहीं है।

तोता हरा होता है। कोयल काली होती है।

अनार लाल होता है। पपीता पीला होता है।

आसमान नीला है। बादल काला है।


निम्नलिखित प्रश्न को ध्यानपूर्वक पढ़कर प्रश्न के लगभग 60 शब्दों में उत्तर दीजिए :-

बारिशों के बाद, भादों के पश्चात प्रकृति में परिवर्तन का कवि ने किस प्रकार वर्णन किया है? पतंग कविता के आधार पर अपने शब्दों में वर्णन करें।


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