मराठी

सुशीला ने अपनी बेटी की 'पौटी' साफ़ करते समय तो मुँह नहीं ढँका, लेकिन दीपक की पौटी साफ़ करते समय उसने मुँह ढँक लिया। ऐसा क्यों?

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

सुशीला ने अपनी बेटी की 'पौटी' साफ़ करते समय तो मुँह नहीं ढँका, लेकिन दीपक की पौटी साफ़ करते समय उसने मुँह ढँक लिया। ऐसा क्यों?

टीपा लिहा
Advertisements

उत्तर

जब हम ये सोचते हैं कि कोई वस्तु गंदी है तो हमें गंध आती है। इसलिये सुशीला ने अपनी बेटी की पौटी साफ करते समय मुँह नहीं ढँका जबकि अपने बेटे की पौटी साफ करते समय सुशीला ने अपना मुँह ढँक लिया।

shaalaa.com
कैसे पहचाना चींटी ने दोस्त को?
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 1: कैसे पहचाना चींटी ने दोस्त को - सोचो और चर्चा करो [पृष्ठ ५]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Paryavaran Adhyyan Aas-Paas [Hindi] Class 5
पाठ 1 कैसे पहचाना चींटी ने दोस्त को
सोचो और चर्चा करो | Q 1 | पृष्ठ ५

संबंधित प्रश्‍न

चीनी के कुछ दाने, गुड़ या कोई मीठी चीज़ ज़मीन पर रखो। अब इंतज़ार करो, चींटियों के आने का। अब देखो - 

चींटी कितनी देर में आई?


चीनी के कुछ दाने, गुड़ या कोई मीठी चीज़ ज़मीन पर रखो। अब इंतज़ार करो, चींटियों के आने का। अब देखो - 

चींटियाँ खाने की चीज़ का क्या करती हैं?


क्या तुम्हें अपने घर के लोगों के कपड़ों से गंध आती है? किसके?


तुम अपनी दाईं आँख बंद करो या हाथ से ढँको। उसी समय तुम्हारा साथी तुम्हारे बिल्कुल दाईं तरफ़ थोड़ी दूर खड़ा होकर कुछ एक्शन करें।

सोचो, अगर पक्षियों की तरह तुम्हारी आँखें तुम्हारे कान की जगह होतीं तो कैसा होता? तुम ऐसे क्या-क्या काम कर पाते, जो अभी नहीं कर पाते हो?


दस जानवरों के नाम लिखो जिनके कान दिखते हैं।


एक बार डेस्क को बजाओ। कैसी आवाज़ आती है? अब जैसे चित्र में दिखाया है वैसे ही डेस्क पर कान लगाओ। एक बार फिर अपने हाथ से डेस्क बजाओ। कैसी आवाज़ आती है? क्या दोनों आवाज़ों में कुछ अंतर है?

 


चित्र में जानवर के सोने का समय को दिखाया गया है। चित्र के नीचे लिखो कि वह जानवर एक दिन में कितने घंटे सोता है।

जिराफ़ ______ 


सोचो, जंगल में बाघ को किन चीज़ों से खतरा होगा?


क्या हम भी जानवरों के लिए खतरा बन रहे हैं? कैसे?


कुछ उदाहरण देकर समझाओ जिससे हमें पता चलता है कि जानवरों की देखने, सुनने, सूँघने और महसूस करने की शक्ति बहुत तेज़ होती है।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×