Advertisements
Advertisements
प्रश्न
सुशीला ने अपनी बेटी की 'पौटी' साफ़ करते समय तो मुँह नहीं ढँका, लेकिन दीपक की पौटी साफ़ करते समय उसने मुँह ढँक लिया। ऐसा क्यों?
Advertisements
उत्तर
जब हम ये सोचते हैं कि कोई वस्तु गंदी है तो हमें गंध आती है। इसलिये सुशीला ने अपनी बेटी की पौटी साफ करते समय मुँह नहीं ढँका जबकि अपने बेटे की पौटी साफ करते समय सुशीला ने अपना मुँह ढँक लिया।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
चीनी के कुछ दाने, गुड़ या कोई मीठी चीज़ ज़मीन पर रखो। अब इंतज़ार करो, चींटियों के आने का। अब देखो -
चींटियाँ खाने की चीज़ का क्या करती हैं?
चीनी के कुछ दाने, गुड़ या कोई मीठी चीज़ ज़मीन पर रखो। अब इंतज़ार करो, चींटियों के आने का। अब देखो -
वे उस जगह से कहाँ जाती हैं?
किन-किन मौकों पर तुम्हारी सूँघने की शक्ति तुम्हारे काम आती हैं? सूची बनाओ। उदाहरण के लिए - खाने की गंध से उसके खराब होने का पता चलना, किसी चीज़ के जलने का पता चलना।
क्या तुम्हें अपने घर के लोगों के कपड़ों से गंध आती है? किसके?
जब तुम कूड़े के ढ़ेर के पास से गुज़रते हो, वहाँ की गंध तुम्हें कैसी लगती है? उस बच्चे के बारे में सोचो जो दिन में कई घंटे इसी कचरे के ढ़ेर में से चीज़ें बीनता है।
क्या गंध का अच्छा या बुरा होना सभी के लिए एक जैसा ही होता है या इस पर हमारी सोच का असर भी पड़ता है?
तुम अपनी दाईं आँख बंद करो या हाथ से ढँको। उसी समय तुम्हारा साथी तुम्हारे बिल्कुल दाईं तरफ़ थोड़ी दूर खड़ा होकर कुछ एक्शन करें।
सोचो, अगर पक्षियों की तरह तुम्हारी आँखें तुम्हारे कान की जगह होतीं तो कैसा होता? तुम ऐसे क्या-क्या काम कर पाते, जो अभी नहीं कर पाते हो?
तुम अपने कानों पर हाथ रखकर कुछ बोलो। अपनी ही आवाज़ सुनाई देती है न?
चित्र में जानवर के सोने का समय को दिखाया गया है। चित्र के नीचे लिखो कि वह जानवर एक दिन में कितने घंटे सोता है।

बिल्ली ______
क्या हम भी जानवरों के लिए खतरा बन रहे हैं? कैसे?
