Advertisements
Advertisements
प्रश्न
क्या हम भी जानवरों के लिए खतरा बन रहे हैं? कैसे?
Advertisements
उत्तर
हम इंसान, घर, खेत, शहर, कारखाने, सड़कें, लकड़ी, के लिए जंगलों को काट रहे हैं। जानवरों को उनके दांतों, सींग, खाल, मास, हड्डियों के लिए मार रहे हैं। कई बार तो सिर्फ अपने मनोरंजन के लिए भी इन्हें मार दिया जाता है। और कुछ हम इतना प्रदूषण फैला रहे हैं कि उससे ये अपने आप ही कम होने लगे हैं। इस प्रकार हम मनुष्य इन जानवरों के लिए खतरा बन रहे हैं।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
चीनी के कुछ दाने, गुड़ या कोई मीठी चीज़ ज़मीन पर रखो। अब इंतज़ार करो, चींटियों के आने का।
अब ध्यान से, बिना किसी चींटी को नुकसान पहुँचाए, उस कतार के बीच में पेंसिल से कुछ देर चींटियों का रास्ता रोको।
देखो, अब चींटियाँ कैसे चलती है?
हम कुत्तों के सूँघने की शक्ति का इस्तेमाल कहाँ-कहाँ करते हैं?
किन-किन मौकों पर तुम्हारी सूँघने की शक्ति तुम्हारे काम आती हैं? सूची बनाओ। उदाहरण के लिए - खाने की गंध से उसके खराब होने का पता चलना, किसी चीज़ के जलने का पता चलना।
कभी किसी भीड़ से भरी जगह जैसे मेले में, बस में, ट्रेन आदि में तुम्हें गंध का अहसास हुआ है। बताओ कैसा लगा?
तुम अपनी दाईं आँख बंद करो या हाथ से ढँको। उसी समय तुम्हारा साथी तुम्हारे बिल्कुल दाईं तरफ़ थोड़ी दूर खड़ा होकर कुछ एक्शन करें।
क्या तुम बिना गर्दन घुमाए अपने साथी के एक्शन को देख पाते हो?
क्या तुम सोच सकते हो, जमीन पर पड़ी हुई एक रोटी किसी चील को कितनी दूरी से दिखाई दे जाती होगी?
क्या तुम कुछ जानवरों की आवाज़ें समझ सकते हो? किस-किस की?
क्या कुछ जानवर तुम्हारी भाषा भी समझ सकते हैं? कौन-कौन से?
भारत में जानवरों सुरक्षा के लिए ऐसे नेशनल पार्क और कहाँ-कहाँ हैं? इनके बारे में जानकरी इकठ्ठी करके रिपोर्ट तैयार करो।
कुछ उदाहरण देकर समझाओ जिससे हमें पता चलता है कि जानवरों की देखने, सुनने, सूँघने और महसूस करने की शक्ति बहुत तेज़ होती है।
