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प्रश्न
स्पीति में बारिश का वर्णन एक अलग तरीके से किया गया है। आप अपने यहाँ होने वाली बारिश का वर्णन कीजिए।
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उत्तर
हमारे यहाँ तपती गरमी के बाद जब आकाश में काले बादल घुमड़-घुमड़कर आते हैं तो शरीर व मन को शांति मिलती है। धरती पर बारिश की बूँदों के पड़ते ही मिट्टी से सोंधी महक निकलती है। बारिश के होने से वातावरण में हरियाली छा जाती है। वर्षा होते ही चारों तरफ प्रसन्नता फैल जाती है। प्रकृति भी प्रसन्न होकर हँसती हुई प्रतीत होती है। पक्षी अपनी खुशी का इजहार स्वर उत्पन्न करके करते हैं। तालाब, नहरें, नदियाँ सब पर यौवन आ जाता है। ऐसा लगता है, मानों धरती फिर जवान हो गई हो।
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पाठ में से दिए गए अनुच्छेद में क्योंकि, और, बल्कि, जैसे ही, वैसे ही, मानो, ऐसे, शब्दों का प्रसंग करते हुए उसे दोबारा लिखिए –
लैंप की लौ तेज़ की। खिड़की का एक पल्ला खोला तो तेज हवा का झोंका मुँह और हाथ को जैसे छीलने लगा। मैंने पल्ला भिड़ा दिया। उसकी आड़ से देखने लगा। देखा कि बारिश हो रही थी। मैं उसे देख नहीं रहा था। सुन रहा था। अँधेरा, ठंड और हवा का झोंका आ रहा था। जैसे बरफ़ का अंश लिए तुषार जैसी बूंदें पड़ रही थीं।
