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प्रश्न
| समस्तपदम् | विग्र: | नाम |
| सुखदुःखे | ______ | ______ |
रिकाम्या जागा भरा
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उत्तर
| समस्तपदम् | विग्र: | नाम |
| सुखदुःखे | सुखम् च दुखम् च | द्वंद्व |
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समासा:।
या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 9: समासाः - अभ्यासः [पृष्ठ ११२]
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प्रदत्तपदानां विग्रहं कृत्वा समासनाम लिखत-
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समस्तपदं विग्रह वा लिखत-
| क्रमः | समस्तपदम् | विग्रहः |
| 1. | _________ | महान् वृक्षः |
| 2. | पुरुषव्याघ्रः | _________ |
| 3. | _________ | महत् कम्पनम् |
| 4. | महाविनाशः | _________ |
| 5. | _________ | रक्तम् उत्पलम् |
| 6. | पीतपुष्पाणि | _________ |
| 7. | _________ | घन इव श्यामः |
| 8. | महोत्सवः | _________ |
| 9. | _________ | विशालः पर्वतः |
| 10. | महागौरी | _________ |
| समस्तपदम | विग्रहः | समासनाम |
| हस्तस्थम् | हस्ते तिष्ठति इति | ______ |
समासानां तालिकापूर्ति कुरुत ।
| समस्तपदम | विग्रहः | समासनाम |
| ______ | विविधानि बीजानि | कर्मधारयः |
समासविग्रहं कुरुत।

धनधान्यानि।
समासविग्रहं कुरुत।

अश्मखण्डः।
समासविग्रहं कुरुत।

मृगशृगालौ।
समासविग्रहं कुरुत।

हस्तपादम्।
समासविग्रहं कुरुत।

नीतिनिपुणः।
तालिकां पूरयत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| ______ | चोरलुण्ठकेभ्यः भयम्। | पञ्चमी-तत्पुरुषः। |
तालिकां पूरयत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| विद्याविहीनः | ______ | तृतीया-तत्पुरुषः। |
कृति: – समस्तपदान् अन्विष्य वर्तुलम् आलिखत।

- क्षुद्रा बुद्धिः यस्य सः।
- विशालौ बाहू यस्य सः।
- एकः दन्तः यस्य सः।
- लब्धा शिक्षा येन सः।
- ईश्वरे निष्ठा यस्य सः।
- भाले चन्द्रः यस्य सः।
- पद्मं हस्ते यस्याः सा।
- गजस्य आननम् एव आननं यस्य सः।
- विमलम् अम्बु यस्मिन् तत्।
- महान् उदयः यस्य सः।
समासविग्रहवाक्यानां समासनामभिः मेलनं कुरुत।
| विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| पुस्तकपठने मग्नः | षष्ठी-तत्पुरुषः |
| विद्यया विहीनः | चतुर्थी-तत्पुरुषः |
| पूजायै इदम् | सप्तमी-तत्पुरुषः |
| परागस्य कणाः | तृतीया-तत्पुरुषः |
समासानां तालिकापूर्ति कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रह: | समासनाम |
| मृगशृगालौ | ......... | इतरेतरद्वन्द्वः |
समासविग्रहाणां समासनामभिः सह मेलनं कुरुत।
| समासविग्रहः | समासनाम |
| किञ्चित् जानाति इति। | षष्ठी - तत्पुरुषः। |
| जलस्य व्यवस्थापनम्। | कर्मधारयः। |
| लगुडः हस्ते यस्य सः। | उपपद - तत्पुरुषः। |
| कवयः च पण्डिताः च। | अव्ययीभावः। |
| अहनि अहनि। | बहुव्रीहिः। |
| मानवता एव धर्मः। | इतरेतर-द्वन्द्वः। |
अधोलिखितवाक्यम् रेखाङ्कितपद समासं विग्रहं वा प्रदत्तविकल्पेभ्य: चित्वा लिखत।
प्रजासुखे सुखं राज्ञ:।
