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प्रश्न
प्रदत्तपदानां विग्रहं कृत्वा समासनाम लिखत-
| विग्र: | समस्तपदम् | नाम |
| कामः च मोक्षः च | ______ | ______ |
रिकाम्या जागा भरा
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उत्तर
| विग्र: | समस्तपदम् | नाम |
| कामः च मोक्षः च | काम्मोक्षौ | द्वंद्व |
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समासा:।
या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
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समाससविग्रहमणां समासनामाभिः सह मेलनं करुत
| समासविग्रहः | समासनाम | ||
| (1) | विविधानि बीजानि | (अ) | नञ्-तत्पुरुषः। |
| (2) | दिने दिने | (आ) | बहुब्रीहिः। |
| (3) | लगुडं हस्ते यस्य सः | (इ) | कर्मधारयः। |
| (4) | न इच्छा | (ई) | इतरेतर द्वन्द्व :। |
| (5) | चिन्ताया मग्ना | (उ) | अव्ययीभाव:। |
| (6) | कवयः च पण्डिताः च | (ऊ) | सप्तमी-तत्परुषः। |
समासविग्रहं कुरुत।

धनधान्यानि।
समासविग्रहं कुरुत।

सस्यपूर्णम्।
समासविग्रहं कुरुत।

हस्तपादम्।
उदाहरणै: रेखाचित्रं पूरयत।

तालिकां पूरयत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| विद्याविहीनः | ______ | तृतीया-तत्पुरुषः। |
तालिकां पूरयत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| ______ | चरणाभ्यां विकलः। | तृतीया-तत्पुरुषः। |
कृति: – समस्तपदान् अन्विष्य वर्तुलम् आलिखत।

- क्षुद्रा बुद्धिः यस्य सः।
- विशालौ बाहू यस्य सः।
- एकः दन्तः यस्य सः।
- लब्धा शिक्षा येन सः।
- ईश्वरे निष्ठा यस्य सः।
- भाले चन्द्रः यस्य सः।
- पद्मं हस्ते यस्याः सा।
- गजस्य आननम् एव आननं यस्य सः।
- विमलम् अम्बु यस्मिन् तत्।
- महान् उदयः यस्य सः।
समासविग्रहवाक्यानां समासनामभिः मेलनं कुरुत।
| विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| चिन्तया आकुलः | पञ्चमी-तत्पुरुषः |
| प्रजाहिते दक्षः | द्वितीया-तत्पुरुषः |
| चोरलुण्ठकेभ्यः भयम् | सप्तमी-तत्पुरुषः |
| विदेशं गमनम् | तृतीया-तत्पुरुषः |
समासानां तालिकापूर्ति कुरुत।
| समस्तपदम | विग्रहः | समासनाम |
| ........... | परमः अणुः | कर्मधारयः। |
समासानां तालिकापूर्ति कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रह: | समासनाम |
| ______ | जलं ददाति इति। | उपपद-तत्पुरुष:। |
समासविग्रहाणां समासनामभि: सह मेलनं कुरुत।
| समासविग्रह: | समासनाम |
| रामस्य अभिषेकः। | इतेतर् द्वन्द्व:। |
| न शक्यम्। | कर्मधारयः। |
| मृगः च शृगाल: च। | षष्ठी तत्पुरुष:। |
| सद्गुणा: एव सत्ति:। | अव्ययीभाव:। |
| महान् भागः यस्य स:। | नञ्-तत्पुरुष:। |
| क्रमम् अनुसृत्य। | बहुव्रीहिः। |
