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प्रश्न
प्रदत्तपदानां विग्रहं कृत्वा समासनाम लिखत-
| विग्र: | समस्तपदम् | नाम |
| कामः च मोक्षः च | ______ | ______ |
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उत्तर
| विग्र: | समस्तपदम् | नाम |
| कामः च मोक्षः च | काम्मोक्षौ | द्वंद्व |
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| सप्तानां पदानां समाहारः | ______ | ______ |
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| न पेयम् | ______ | ______ |
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| न इष्टम् | ______ | ______ |
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| लाभः च अलाभः च | ______ | ______ |
समस्तपदं विग्रह वा लिखत-
| क्रमः | समस्तपदम् | विग्रहः |
| 1. | _________ | महान् वृक्षः |
| 2. | पुरुषव्याघ्रः | _________ |
| 3. | _________ | महत् कम्पनम् |
| 4. | महाविनाशः | _________ |
| 5. | _________ | रक्तम् उत्पलम् |
| 6. | पीतपुष्पाणि | _________ |
| 7. | _________ | घन इव श्यामः |
| 8. | महोत्सवः | _________ |
| 9. | _________ | विशालः पर्वतः |
| 10. | महागौरी | _________ |
अधोलिखितसमस्तपदेभ्यः विग्रहाः, विग्रहेभ्यः च समस्तपदानि लिख्यन्ताम्-
| क्रमः | समस्तपदानि | विग्रहः |
| 1. | ___________ | लम्बम् उदरं यस्य सः |
| 2. | पीताम्बरः | ___________ |
| 3. | ___________ | कृतः उपकारः येन सः |
| 4. | प्रत्युपन्नमतिः | ___________ |
| 5. | ___________ | गज इव आननं यस्य सः |
| 6. | चन्द्रमुखी | ___________ |
| 7. | ___________ | चक्रं पाणौ यस्य सः |
| 8. | चन्द्रमौलि: | ___________ |
| 9. | ___________ | बहूनि कमलानि यस्मिन् तत् |
| 10. | ___________ | जितानि इन्द्रियाणि येन सः |
समाससविग्रहमणां समासनामाभिः सह मेलनं करुत
| समासविग्रहः | समासनाम | ||
| (1) | विविधानि बीजानि | (अ) | नञ्-तत्पुरुषः। |
| (2) | दिने दिने | (आ) | बहुब्रीहिः। |
| (3) | लगुडं हस्ते यस्य सः | (इ) | कर्मधारयः। |
| (4) | न इच्छा | (ई) | इतरेतर द्वन्द्व :। |
| (5) | चिन्ताया मग्ना | (उ) | अव्ययीभाव:। |
| (6) | कवयः च पण्डिताः च | (ऊ) | सप्तमी-तत्परुषः। |
समासविग्रहं कुरुत।

शुकसारिकाः।
समासविग्रहं कुरुत।

नीतिनिपुणः।
तालिकां पूरयत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| विद्याविहीनः | ______ | तृतीया-तत्पुरुषः। |
तालिकां पूरयत।
| सामासिकपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| भुजगयमिताः | भुजगैः यमिताः। | ______ |
कृति: – समस्तपदान् अन्विष्य वर्तुलम् आलिखत।

- क्षुद्रा बुद्धिः यस्य सः।
- विशालौ बाहू यस्य सः।
- एकः दन्तः यस्य सः।
- लब्धा शिक्षा येन सः।
- ईश्वरे निष्ठा यस्य सः।
- भाले चन्द्रः यस्य सः।
- पद्मं हस्ते यस्याः सा।
- गजस्य आननम् एव आननं यस्य सः।
- विमलम् अम्बु यस्मिन् तत्।
- महान् उदयः यस्य सः।
समासविग्रहवाक्यानां समासनामभिः मेलनं कुरुत।
| विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| पुस्तकपठने मग्नः | षष्ठी-तत्पुरुषः |
| विद्यया विहीनः | चतुर्थी-तत्पुरुषः |
| पूजायै इदम् | सप्तमी-तत्पुरुषः |
| परागस्य कणाः | तृतीया-तत्पुरुषः |
समासानां तालिकापूर्ति कुरुत।
| समस्तपदम | विग्रहः | समासनाम |
| क्षुद्र्बुद्धिः | ........ | बहुव्रीहिः। |
समासविग्रहाणां समासनामभिः सह मेलनं कुरुत।
| समासविग्रहः | समासनाम |
| किञ्चित् जानाति इति। | षष्ठी - तत्पुरुषः। |
| जलस्य व्यवस्थापनम्। | कर्मधारयः। |
| लगुडः हस्ते यस्य सः। | उपपद - तत्पुरुषः। |
| कवयः च पण्डिताः च। | अव्ययीभावः। |
| अहनि अहनि। | बहुव्रीहिः। |
| मानवता एव धर्मः। | इतरेतर-द्वन्द्वः। |
अधोलिखितवाक्यम् रेखाङ्कितपद समासं विग्रहं वा प्रदत्तविकल्पेभ्य: चित्वा लिखत।
दीन पुत्रे माता कृपया आर्द्रं हृदयं यस्या: सा भवेत्।
अधोलिखितवाक्यम् रेखाङ्कितपद समासं विग्रहं वा प्रदत्तविकल्पेभ्य: चित्वा लिखत।
सव्यवधानं न चारित्रलोपाय।
समासानां तालिकापूर्ति कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रह: | समासनाम |
| ______ | जलं ददाति इति। | उपपद-तत्पुरुष:। |
