Advertisements
Advertisements
प्रश्न
'श्रम-विभाजन और जाति-प्रथा' पाठ के आधार पर बताइए कि मनुष्य का पेशा बदलने की स्वतंत्रता न होने से क्या परिणाम होता है?
थोडक्यात उत्तर
Advertisements
उत्तर
पेशा बदलने की स्वतंत्रता न होने के परिणाम:
- भुखमरी और गरीबी: अनुपयुक्त या अपर्याप्त पेशे के कारण व्यक्ति भूखमरी और आर्थिक तंगी का शिकार हो सकता है।
- विकास का अभाव: व्यक्ति की क्षमताएँ और प्रतिभा दब जाती हैं, जिससे समाज और देश का विकास रुक जाता है।
- असंतोष और कुंठा: व्यक्ति को जब अपनी रुचि के अनुसार काम करने की आजादी नहीं मिलती, तो वह मानसिक तनाव और असंतोष का शिकार हो जाता है।
- सामाजिक असमानता: जाति-प्रथा के कारण पेशे का पूर्वनिर्धारण व्यक्ति को एक ही पेशे में बाँध देता है, जिससे समाज में असमानता और अन्याय बढ़ता है।
shaalaa.com
या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
