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प्रश्न
श्लोकात् ल्यबन्त-अव्ययानि चिनुत।
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उत्तर
अकृत्वा अगत्वा, भुक्त्वा पीत्वा, आघ्राय, अनुत्सृज्य, विहस्य, विहाय, प्रारभ्य, विज्ञाय, सञ्चिन्त्य, प्राप्तुम्।
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एकवाक्येन उत्तरत।
ईश्वरेण श्रोतुं किं दत्तम्?
एकवाक्येन उत्तरत।
आस्यं कीदृशम्?
एकवाक्येन उत्तरत।
ईश्वरेण विहर्तुं किं दत्तम्?
तालिकां पूरयत।
| किं दत्तम्? | किं कर्तुम्? | किमर्थम्? |
| आस्यं दत्तम् | वक्तुम् | वचनार्थम्/______ |
तालिकां पूरयत।
| किं दत्तम्? | किं कर्तुम्? | किमर्थम्? |
| पादयुग्यं दत्तम् | ______ | ______/विहाराय |
मेलनं कुरुत।
| अ | आ |
| कर्णः | करः |
| आस्यम् | रक्षतु |
| घ्राणम् | लोचनम् |
| पादः | श्रोत्रम् |
| नेत्रम् | तुण्डम् |
| हस्तः | नासिका |
| पातु | चरणः |
एकवाक्येन उत्तरत।
के दूतत्वं कुर्वन्ति?
एकवाक्येन उत्तरत।
के केतकीम् आजिघ्रन्ति?
सत्यं वा असत्यं लिखत।
सज्जना: दूतत्वं कुर्वन्ति।
सत्यं वा असत्यं लिखत।
षट्पदाः स्वयम् आयान्ति।
सत्यं वा असत्यं लिखत।
सज्जनाः केतकीगन्धम् आजिघ्रन्ति।
समानार्थकशब्दं चिनुत लिखत च।
भ्रमराः - ______
समानार्थकशब्दं चिनुत लिखत च।
आगच्छन्ति - ______
विरुद्धार्थकशब्दं लिखत।
गुणाः × ______
विरुद्धार्थकशब्दं लिखत।
दूरे × ______
विरुद्धार्थकशब्दं लिखत।
आयान्ति × ______
एकवाक्येन उत्तरत।
धेनवः किं भुक्त्वा दुग्धं यच्छन्ति?
एकवाक्येन उत्तरत।
लोकमातर: का:?
वाक्यत: कर्ता, कर्म, क्रियापदं च अन्विष्यत लिखत च।
दुग्धं यच्छन्ति धेनवः।
एकवाक्येन उत्तरत।
मनुजेन किं न कर्तव्यम्?
एकवाक्येन उत्तरत।
मनुजेन कुत्र न गन्तव्यम्?
एकवाक्येन उत्तरत।
मनुजेन किम् अनुसर्तव्यम्?
तालिकां पूरयत।
| धातुः | त्वान्त/ल्यबन्तरूपम् | नरूपम् |
| गम्–गच्छ् | गत्वा | ______ |
श्लोकात् अधोदत्तशब्द कृते समानार्थकशब्द चित्वा लिखत।
गृहम् - ______
योग्यं रूपं चिनुत।
षष्ठी - ______
योग्यं रूपं चिनुत।
चतुर्थी - ______
योग्यं रूपं चिनुत।
प्रथमा - ______
एकवाक्येन उत्तरत।
के कार्यं न प्रारभन्ते?
एकवाक्येन उत्तरत।
के मध्ये विरमन्ति?
एकवाक्येन उत्तरत।
के प्रारब्धं कार्यं न परित्यजन्ति?
मञ्जूषात: उचितं पर्यायं चित्वा स्तम्भपूरणं कुरुत।
| नीचा: | मध्यमाः | उत्तमाः |
| कार्यम् | ______ | कार्यम् |
| ______ | ______ | ______ |
(न परित्यज्यन्ति, कार्यात्, न प्रारभन्ते, विरमन्ति)
श्लोकात् प्रथमाविभक्तेः तथा तृतीयाविभक्तेः रूपाणि चिनुत लिखत च।
पदपरिचयं कुरुत।
| मूलधातुः | लकारः | पुरुषः | वचनम् | |
| विरमन्ति | ______ | ______ | ______ | ______ |
| परित्यजन्ति | ______ | ______ | ______ | ______ |
वर्णविग्रहं कुरुत।
विघ्नैः – ______
एकवाक्येन उत्तरत।
स्थानभ्रष्टाः के के न शोभन्ते?
समानार्थकशब्दैः वाक्यं पुनर्लिखत।
स्थानभ्रष्टाः दन्ताः केशा: नखाः नरा: न शोभन्ते।
श्लोकात प्रथमाविभक्ते: रूपाणि चित्वा लिखत।
एकवाक्येन उत्तरत।
नरः किं न त्यजेत्?
एकवाक्येन उत्तरत।
अनुद्यमेन किं प्राप्तुं न शक्यते?
सत्यम् असत्यं वा इति लिखत।
नरः दैवं सञ्चिन्तयेत्।
सत्यम् असत्यं वा इति लिखत।
नरः उद्यमं सञ्चिन्तयेत्।
सत्यम् असत्यं वा इति लिखत।
तिलेभ्य: तैलं प्राप्यते।
समानार्थकशब्दं चिनुत लिखत च।
लब्धुम् - ______
समानार्थकशब्दं चिनुत लिखत च।
आलस्यम् - ______
वर्णविग्रहं कुरुत।
सञ्चिन्त्य - ______
वर्णविग्रहं कुरुत।
तिलेभ्यः - ______
श्लोकात् अधोदत्तशब्द कृते समानार्थकशब्द चित्वा लिखत।
दुष्टः - ______
श्लोकात् अधोदत्तशब्द कृते समानार्थकशब्द चित्वा लिखत।
मार्गः - ______
श्लोकात् अधोदत्तशब्द कृते समानार्थकशब्द चित्वा लिखत।
स्तोकम् - ______
श्लोकात् अधोदत्तशब्द कृते समानार्थकशब्द चित्वा लिखत।
भूरि - ______
