Advertisements
Advertisements
प्रश्न
एकवाक्येन उत्तरत।
धेनवः किं भुक्त्वा दुग्धं यच्छन्ति?
Advertisements
उत्तर
धेनवः शुष्काणि तृणानि भुक्त्वा दुग्धं यच्छन्ति।
संबंधित प्रश्न
एकवाक्येन उत्तरत।
ईश्वरेण श्रोतुं किं दत्तम्?
एकवाक्येन उत्तरत।
आस्यं कीदृशम्?
एकवाक्येन उत्तरत।
ईश्वरेण विहर्तुं किं दत्तम्?
तालिकां पूरयत।
| किं दत्तम्? | किं कर्तुम्? | किमर्थम्? |
| घ्राणं दत्तम् | ______ | घ्राणार्थम्/______ |
तालिकां पूरयत।
| किं दत्तम्? | किं कर्तुम्? | किमर्थम्? |
| पादयुग्यं दत्तम् | ______ | ______/विहाराय |
तालिकां पूरयत।
| किं दत्तम्? | किं कर्तुम्? | किमर्थम्? |
| नेत्रे दत्ते | द्रष्टुम् | ______/दर्शनाय |
मेलनं कुरुत।
| अ | आ |
| कर्णः | करः |
| आस्यम् | रक्षतु |
| घ्राणम् | लोचनम् |
| पादः | श्रोत्रम् |
| नेत्रम् | तुण्डम् |
| हस्तः | नासिका |
| पातु | चरणः |
एकवाक्येन उत्तरत।
के दूतत्वं कुर्वन्ति?
एकवाक्येन उत्तरत।
के केतकीम् आजिघ्रन्ति?
सत्यं वा असत्यं लिखत।
सज्जना: दूतत्वं कुर्वन्ति।
सत्यं वा असत्यं लिखत।
षट्पदाः स्वयम् आयान्ति।
सत्यं वा असत्यं लिखत।
सज्जनाः केतकीगन्धम् आजिघ्रन्ति।
समानार्थकशब्दं चिनुत लिखत च।
सज्जनाः - ______
समानार्थकशब्दं चिनुत लिखत च।
आगच्छन्ति - ______
विरुद्धार्थकशब्दं लिखत।
गुणाः × ______
विरुद्धार्थकशब्दं लिखत।
आयान्ति × ______
एकवाक्येन उत्तरत।
धेनवः जलाशयात् किं पिबन्ति?
एकवाक्येन उत्तरत।
लोकमातर: का:?
श्लोकात् त्वान्त-अव्यये चित्वा लिखत।
एकवचने परिवर्तयत।
लोकमातरः धेनवः शुष्काणि तृणानि खादन्ति।
एकवाक्येन उत्तरत।
मनुजेन किं न कर्तव्यम्?
एकवाक्येन उत्तरत।
मनुजेन कुत्र न गन्तव्यम्?
एकवाक्येन उत्तरत।
मनुजेन किम् अनुसर्तव्यम्?
तालिकां पूरयत।
| धातुः | त्वान्त/ल्यबन्तरूपम् | नरूपम् |
| कृ | ______ | अकृत्वा |
तालिकां पूरयत।
| धातुः | त्वान्त/ल्यबन्तरूपम् | नरूपम् |
| गम्–गच्छ् | गत्वा | ______ |
तालिकां पूरयत।
| धातुः | त्वान्त/ल्यबन्तरूपम् | नरूपम् |
| उत् + सृज् | ______ | अनुत्सृज्य |
श्लोकात् अधोदत्तशब्द कृते समानार्थकशब्द चित्वा लिखत।
गृहम् - ______
योग्यं रूपं चिनुत।
षष्ठी - ______
योग्यं रूपं चिनुत।
चतुर्थी - ______
योग्यं रूपं चिनुत।
प्रथमा - ______
एकवाक्येन उत्तरत।
के कार्यं न प्रारभन्ते?
एकवाक्येन उत्तरत।
के मध्ये विरमन्ति?
मञ्जूषात: उचितं पर्यायं चित्वा स्तम्भपूरणं कुरुत।
| नीचा: | मध्यमाः | उत्तमाः |
| कार्यम् | ______ | कार्यम् |
| ______ | ______ | ______ |
(न परित्यज्यन्ति, कार्यात्, न प्रारभन्ते, विरमन्ति)
श्लोकात् प्रथमाविभक्तेः तथा तृतीयाविभक्तेः रूपाणि चिनुत लिखत च।
एकवाक्येन उत्तरत।
स्थानभ्रष्टाः के के न शोभन्ते?
एकवाक्येन उत्तरत।
किं विज्ञाय मतिमान् स्वस्थानं न परित्यजेत्?
समानार्थकशब्दैः वाक्यं पुनर्लिखत।
स्थानभ्रष्टाः दन्ताः केशा: नखाः नरा: न शोभन्ते।
श्लोकात प्रथमाविभक्ते: रूपाणि चित्वा लिखत।
एकवाक्येन उत्तरत।
नरः किं न त्यजेत्?
एकवाक्येन उत्तरत।
अनुद्यमेन किं प्राप्तुं न शक्यते?
सत्यम् असत्यं वा इति लिखत।
तिलेभ्य: तैलं प्राप्यते।
अमरकोषपङ्क्तिं लिखत।
दैवम् - ______
समानार्थकशब्दं चिनुत लिखत च।
लब्धुम् - ______
वर्णविग्रहं कुरुत।
सञ्चिन्त्य - ______
श्लोकात् अधोदत्तशब्द कृते समानार्थकशब्द चित्वा लिखत।
दुष्टः - ______
श्लोकात् अधोदत्तशब्द कृते समानार्थकशब्द चित्वा लिखत।
मार्गः - ______
श्लोकात् अधोदत्तशब्द कृते समानार्थकशब्द चित्वा लिखत।
स्तोकम् - ______
अमरकोषपङ्क्तिं लिखत।
नरः - ______
