Advertisements
Advertisements
प्रश्न
संगतकार के माध्यम से कवि किस प्रकार के व्यक्तियों की ओर संकेत करना चाह रहा है?
Advertisements
उत्तर
संगतकार के माध्यम से कवि उस वर्ग की ओर संकेत करना चाहता है जिसके सहयोग के बिना कोई भी व्यक्ति ऊँचाई के शिखर को प्राप्त नहीं कर सकता है। जैसे संगतकार मुख्य गायक के साथ मिलकर उसके सुरों में अपने सुरों को मिलाकर उसके गायन में नई जान फूँकता है और उसका सारा श्रेय मुख्य गायक को ही प्राप्त होता है। इसी तरह एक आर्किटेक्ट एक भवन का नक्शा बनता है, परन्तु भवन निर्माण में उसके मज़दूरों व इंजीनियरों की भी सहभागिता होती है। परन्तु श्रेय उसके मुख्य आर्किटेक्ट को ही प्राप्त होता है अन्य को नहीं।
संबंधित प्रश्न
संगतकार किन-किन रूपों में मुख्य गायक-गायिकाओं की मदद करते हैं?
भाव स्पष्ट कीजिए -
और उसकी आवाज़ में जो एक हिचक साफ़ सुनाई देती है
या अपने स्वर को ऊँचा न उठाने की जो कोशिश है
उसे विफलता नहीं
उसकी मनुष्यता समझा जाना चाहिए।
सफलता के चरम शिखर पर पहुँचने के दौरान यदि व्यक्ति लड़खड़ाता है तब उसे सहयोगी किस तरह सँभालते हैं?
कल्पना कीजिए कि आपको किसी संगीत या नृत्य समारोह का कार्यक्रम प्रस्तुत करना है लेकिन आपके सहयोगी कलाकार किसी कारणवश नहीं पहुँच पाए
(क) ऐसे में अपनी स्थिति का वर्णन कीजिए।
(ख) ऐसी परिस्थिति का आप कैसे सामना करेंगे?
किसी भी क्षेत्र में संगतकार की पंक्ति वाले लोग प्रतिभावान होते हुए भी मुख्य यो शीर्ष स्थान पर क्यों नहीं पहुँच पाते होंगे?
संगतकार किन्हें कहा जाता है?
संगतकार कभी-कभी यूँ ही मुख्य गायक का साथ क्यों देता है?
तारसप्तक गाते समय मुख्य गायक को क्या-क्या परेशानियाँ होती हैं?
लोग प्रायः संगतकार की विफलता किसे समझ बैठते हैं?
वर्तमान में संगतकार जैसे व्यक्तियों की प्रासंगिकता स्पष्ट कीजिए।
‘संगतकार’ कविता का प्रतिपाद्य स्पष्ट कीजिए।
निम्नलिखित पठित पद्यांश पर आधारित बहुविकल्पीय प्रश्नों के लिए सही विकल्प का चयन कर लिखिए -
|
या अपने ही सरगम को लाँघकर |
- मुख्य गायक अपने ही सरगम को किस कारण लाँघ जाता है?
- गाने की रौ में भटकने के कारण
- संगतकार द्वारा साथ देने के कारण
- संगतकार द्वारा साथ न देने के कारण
- संगतकार नौसिखिया था
- मुख्य गायक कहाँ भटक जाता है?
- समुद्र के भँवरजाल में
- बचपन की स्मृतियों में
- तबले की ताल में
- शोर-गूँज के भँवरजाल में
- मुख्य गायक के भटकने पर संगतकार उसकी सहायता कैसे करता है?
- उसका सामान उठाकर
- उसका हाथ पकड़कर
- स्थायी को सँभालकर
- बचपन की याद दिलाकर
- “जब वह नौसिखिया था”- इस वाक्य में 'वह' किसके लिए आया है?
- संगतकार
- मुख्य गायक
- संयोजक
- बाँसुरी वादक
- 'तारसप्तक' में जब बैठने लगता है उसका गला। यहाँ 'तारसप्तक' से क्या अभिप्राय है?
- धीमा स्वर
- शुद्ध स्वर
- दुगुना धीमा स्वर
- दुगुना ऊँचा स्वर
संगतकार पाठ के अनुसार संगतकार की मुख्य विशेषता क्या होती है?
निम्नलिखित पठित पद्यांश पर आधारित बहुविकल्पीय प्रश्नों के लिए सही विकल्प का चयन कर लिखिए -
| मुख्य गायक की गरज में वह अपनी गूँज मिलाता आया है प्राचीन काल से गायक जब अंतरे की जटिल तानों के जंगल में खो चुका होता है या अपने ही सरगम को लाँघकर चला जाता है भटकता हुआ एक अनहद में तब संगतकार ही स्थायी को सँभाले रहता है जैसे समेटता हो मुख्य गायक का पीछे छूटा हुआ सामान जैसे उसे याद दिलाता हो उसका बचपन जब वह नौसिखिया था तारसप्तक में जब बैठने लगता है उसका गला प्रेरणा साथ छोड़ती हुई उत्साह अस्त होता हुआ आवाज़ से राख जैसा कुछ गिरता हुआ तभी मुख्य गायक को ढाँढ़स बँधाता कहीं से चला आता है संगतकार का स्वर |
- 'मुख्य गायक की गरज़ में संगतकार अपनी गूँज प्राचीन काल से मिला रहा है' - कथन में प्राचीन काल का तात्पर्य है -
- पुराने युग से
- हमेशा से
- बचपन से
- गाने के आरंभ से
- मुख्य गायक अंतरे की जटिल तानों के जंगल में क्यों खो जाता है?
- कई बार सिद्धस्थ गायक भी किसी सुर-ताल में उलझ जाते हैं।
- गाना एक जंगल जैसा है जिसमें भटक जाना सहज ही हो जाता है।
- अपने ही गाने की लय में डूबकर भटक जाता है।
- महान गायक भी कभी-कभी कमज़ोर पड़ जाते हैं।
- संगतकार किस तरह से मुख्य गायक की सहायता करता है?
- मुख्य गायक के भटकने पर स्थायी को सँभाल कर।
- मुख्य गायक को उसके बचपन की याद दिलाकर।
- मुख्य गायक का पीछे छूटा हुआ सामान समेट कर।
- मुख्य गायक के साथ अंतरे को गाकर।
- संगतकार मुख्य गायक को ढॉँढ़स कब बँधाता है?
इस प्रश्न का उत्तर देने के लिए निम्नलिखित कथनों को पढ़कर उचित विकल्प का चयन कीजिए -
कथन -
(क) जब उसका गला बैठने लगता है।
(ख) जब वह निरुत्साहित होने लगता है।
(ग) जब उसकी आवाज़ मंद पड़ने लगती है।
विकल्प:- केवल (क)
- केवल (ग)
- (क), (ख) और (ग)
- (क) और (ग)
- 'तारसप्तक' में मुख्य गायक का गला क्यों बैठते लगता है?
- वह गाते-गाते थक चुका होता है।
- इसमें स्वरों को ऊँचाई-निचाई पर चढ़ाना होता है।
- उसे बार-बार गाना पड़ता है।
- आवाज़ की गूँज अब नष्ट हो चुकी होती है।
