Advertisements
Advertisements
प्रश्न
समुद्र यात्रा के दौरान राम के मन में कौन-सी जिज्ञासा बलवती हो उठी?
Advertisements
उत्तर
अपनी समुद्र यात्रा के दौरान जहाज़ के डेक पर खड़े रामन ने देखा कि समुद्र का नीला जल दूर-दूर तक फैला है। यह जल नीला ही क्यों दिखाई देता है? यह जिज्ञासा उनके मन में बलवती हो उठी और वे इसका उत्तर पाने के प्रयास में जुट गए।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
पाठ के संदर्भ में उनाकोटी में स्थित गंगावतरण की कथा को अपने शब्दों में लिखिए।
लेखक की दिनचर्या कुछ लोगों से किस तरह भिन्न है? उनाकोटी के आधार पर लिखिए।
त्रिपुरा में उनाकोटी की प्रसिद्धि का कारण क्या है?
'किताबों वाले कमरे' में रहने के पीछे लेखक के मन में क्या भावना थी?
लेखक पढ़ाई की व्यवस्था कैसे करता था? ‘मेरा छोटा-सा निजी पुस्तकालय’ पाठ के आधार पर लिखिए।
सांप्रदायिक दंगों की खबर पढ़कर लेखक कौन-सी प्रार्थना करने लगा?
व्यक्ति की पहचान उसकी पोशाक से होती है। इस विषय पर कक्षा में परिचर्चा कीजिए।
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर एक-दो पंक्तियों में दीजिए −
लेखिका ने शेरपा कुली को अपना परिचय किस तरह दिया?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए −
चढ़ाई के समय एवरेस्ट की चोटी की स्थिति कैसी थी?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर (25-30) शब्दों में लिखिए −
महादेव भाई के लिखे नोट के विषय में गांधीजी क्या कहते थे?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर (50-60) शब्दों में लिखिए −
महादेव जी के किन गुणों ने उन्हें सबका लाड़ला बना दिया था?
निम्नलिखित मुहावरों का अपने वाक्यों में प्रयोग कीजिए −
- आड़े हाथों लेना
- अस्त हो जाना
- दाँतों तले अंगुली दबाना
- मंत्र-मुग्ध करना
- लोहे के चने चबाना
सूर्योदय के 2-3 घंटे पहले पूर्व दिशा में या सूर्यास्त के 2-3 घंटे बाद पश्चिम दिशा में एक खूब चमकाता हुआ ग्रह दिखाई देता है, वह शुक्र ग्रह है। छोटी दूरबीन से इसकी बदलती हुई कलाएँ देखी जा सकती हैं, जैसे चंद्रमा की कलाएँ।
लेखक ने महादेव के स्वभाव की तुलना किससे की है और क्यों?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर (25-30 शब्दों में) लिखिए −
कौन-सा कार्य देश की स्वाधीनता के विरूद्ध समझा जाएगा?
लेखिका अंगदोरजी के साथ एवरेस्ट अभियान पर आगे क्यों चल पड़ी?
अतिथि को आया देख लेखक की क्या दशा हुई और क्यों?
निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए −
यहाँ है बुद्धि पर परदा डालकर पहले ईश्वर और आत्मा का स्थान अपने लिए लेना, और फिर धर्म, ईमान, ईश्वर और आत्मा के नाम पर अपनी स्वार्थ-सिद्धि के लिए लोगों को लड़ाना-भिड़ाना।
‘धर्म की आड़’ पाठ में निहित संदेश का उल्लेख कीजिए।
अथवा
‘धर्म की आड़’ पाठ से युवाओं को क्या सीख लेनी चाहिए?
