Advertisements
Advertisements
प्रश्न
रेखाङ्कितपद यथास्थानं सन्धिं विच्छेदं वा कुरुत -
सत्स्वपि बहुषु पुत्रेषु अस्मिन् वात्सल्यं कथम्?
Advertisements
उत्तर
सत्सु + अपि
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
एकपदेन उत्तरं लिखत-
वृषभः दीनः इति जानन्नपि कः तं नुदन् आसीत्?
एकपदेन उत्तरं लिखत -
वृषभः कुत्र पपात?
कृषकः किं करोति स्म?
मातुः अधिका कृपा कस्मिन् भवति?
इन्द्रः दुर्बलवृषभस्य कष्टानि अपाकर्तुं किं कृतवान्?
पाठेऽस्मिन् कयोः संवादः विद्यते?
‘क’ स्तम्भे दत्तानां पदानां मेलनं ‘ख’ स्तम्भे दत्तैः समानार्थकपदौः कुरुत -
| क स्तम्भ | ख स्तम्भ | ||
| (क) | कृच्छ्रेण | (i) | वृषभः |
| (ख) | चक्षुर्भ्याम् | (ii) | वासवः |
| (ग) | जवेन | (iii) | नेत्राभ्याम् |
| (घ) | इन्द्रः | (iv) | अचिरम् |
| (ङ) | पुत्राः | (v) | द्रुतगत्या |
| (च) | शीघ्रम् | (vi) | काठिन्येन |
| (छ) | बलीवर्दः | (vii) | सुताः |
स्थूलपदमाधृत्य प्रश्ननिर्माणं कुरुत -
सः कृच्छ्रेण भारम् उद्वहति।
स्थूलपदमाधृत्य प्रश्ननिर्माणं कुरुत -
सुराधिपः ताम् अपृच्छत्?
रेखाङ्कितपद यथास्थानं सन्धिं विच्छेदं वा कुरुत -
कृषकः क्षेत्रकर्षणं कुर्वन् + आसीत्।
रेखाङ्कितपद यथास्थानं सन्धिं विच्छेदं वा कुरुत -
तथा + अपि + अहम् + एतस्मिन् स्नेहम् अनुभवामि।
अधोलिखित वाक्य रेखांकितं सर्वनामपदं कस्मै प्रयुक्तम् -
सा च अवदत् भो वासव! अहम् भृशं दु:खिता अस्मि।
अधोलिखित वाक्य रेखांकितं सर्वनामपदं कस्मै प्रयुक्तम् -
पुत्रस्य दैन्यं दृष्ट्वा अहम् रोदिमि।
अधोलिखित वाक्य रेखांकितं सर्वनामपदं कस्मै प्रयुक्तम् -
सः दीनः इति जानन् अपि कृषकः तं पीडयति।
‘क’ स्तम्भे विशेषणपदं लिखितम्, ‘ख’ स्तम्भे पुनः विशेष्यपदम्। तयोः मेलनं कुरुत -
| क स्तम्भ | ख स्तम्भ | ||
| (क) | कश्चित् | (i) | वृषभम् |
| (ख) | दुर्बलम् | (ii) | कृपा |
| (ग) | क्रुद्धः | (iii) | कृषीवलः |
| (घ) | सहस्राधिकेषु | (iv) | आखण्डलः |
| (ङ) | अभ्यधिका | (v) | जननी |
| (च) | विस्मितः | (vi) | पुत्रेषु |
| (छ) | तुल्यवत्सला | (vii) | कृषकः |
