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प्रश्न
Read the extract given below and answer in Hindi the questions that follow:
निम्नलिखित अवतरण को पढ़िए और उसके नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर हिन्दी में लिखिए:
| “यह सब समय का फेर है, दीदी! मेरे भाग्य में यही सब लिखा था। मुझे एक फैक्ट्री में नौकरी मिल गई थी। मैं अपने को बहुत खुशनसीब समझ रहा था कि मुझे इतनी छोटी उम्र में ही नौकरी मिल गई।" |
- 'दीदी' कह कर किसे संबोधित किया गया है? वक्ता का संक्षिप्त परिचय दीजिए। [2]
- 'समय का फेर' किसे कहा जा रहा है और इस समय के फेर से वक्ता पर क्या प्रभाव पड़ा था? [2]
- 'दीदी' ने वक्ता की सहायता क्यों, कब और किस प्रकार से की थी? [3]
- अवतरण में दी गई पंक्तियों के आधार पर उदाहरण सहित सिद्ध कीजिए कि मुसीबत में पड़े व्यक्ति की सहायता करना ही मनुष्य का सबसे बड़ा धर्म और कर्तव्य होता है। [3]
थोडक्यात उत्तर
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उत्तर
- दीदी कहकर मीनू को संबोधित किया गया है। वक्ता राजा का चचेरा भाई मनोहर है जिसका एक फैक्ट्री में काम करते वक्त एक पैर व सीधे हाथ की दो अंगुलियाँ कट गई थी। अब वह अपाहिज की जिंदगी जी रहा था।
- परिस्थिति के बदल जाने से वक्ता का पैर कट गया था और वह अपाहिज हो गया था। समय का फेर परिस्थितियों के बदलने को कहा गया है।
- दीदी (मीनू) ने अपनी शादी में किया जाने वाला फालतू का खर्च बचाकर मनोहर को दे दिया । मीनू ने मनोहर के लिए एक पान की दुकान कराना उचित समझा ताकि उसे हमेशा के लिए सुविधाजनक कार्य मिल जाएगा। जो उसकी परिस्थिति के अनुकूल भी रहेगा और उसकी जीविका चलती रहेगी।
- मनुष्य का सबसे बड़ा धर्म और कर्तव्य किसी मुसीबत में पड़े व्यक्ति की सहायता करना होता है। मीनू ने सोचा कि यदि प्रत्येक सम्पन्न व्यक्ति अपनी जिंदगी में किसी एक की सहायता कर उसे छोटा-सा काम करा दे तो हमारे देश में इन अपंगों की बेरोजगारी की समस्या दूर हो जाएगी। इसी सोच के साथ मीनू ने अपाहिज हुए मनोहर को पान की दुकान कराने का निर्णय लिया ताकि वह अपनी क्षमता अनुसार कार्य कर सके।
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अपठित गद्यांश
या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
