Advertisements
Advertisements
प्रश्न
‘रमेश पुस्तक पढ़ता है।’ इस वाक्य को सभी काल में परिवर्तित करके भेदों सहित बताओ और लिखो।

Advertisements
उत्तर
- वर्तमानकाल
- रमेश पुस्तक पढ़ता है। (सामान्य वर्तमानकाल)
- रमेश पुस्तक पढ़ रहा है। (अपूर्ण वर्तमानकाल)
- रमेश पुस्तक पढ़ चुका है। (पूर्ण वर्तमानकाल)
- भूतकाल
- रमेश ने पुस्तक पढ़ी। (सामान्य भूतकाल)
- रमेश पुस्तक पढ़ रहा था। (अपूर्ण भूतकाल)
- रमेश पुस्तक पढ़ चुका था। (पूर्ण भूतकाल)
- भविष्यकाल
- रमेश पुस्तक पढ़ेगा। (सामान्य भविष्यकाल)
- रमेश पुस्तक पढ़ रहा होगा। (अपूर्ण भविष्यकाल)
- रमेश पुस्तक पढ़ चुका होगा। (पूर्ण भविष्यकाल)
संबंधित प्रश्न
ध्यान दीजिए नुक्ता लगाने से शब्द के अर्थ में परिवर्तन हो जाता है। पाठ में दफा’ शब्द का प्रयोग हुआ है जिसका अर्थ होता है-बार (गणना संबंधी), कानून संबंधी। यदि इस शब्द में नुक्ता लगा दिया जाए तो शब्द बनेगा ‘दफ़ा’ जिसका अर्थ होता है-दूर करना, हटाना। यहाँ नीचे कुछ नुक्तायुक्त और नुक्तारहित शब्द दिए जा रहे हैं उन्हें ध्यान से देखिए और अर्थगत अंतर को समझिए।
सजा – सज़ा
नाज – नाज़
जरा – ज़रा
तेज – तेज
निम्नलिखित वाक्यों में उचित शब्द भरकर वाक्य पूरे कीजिए-
- आजकल _________ बहुत खराब है। (जमाना/जमाना)
- पूरे कमरे को _________ दो। (सजा/सजा)
- _________ चीनी तो देना। (जरा/जरा)
- माँ दही _________ भूल गई। (जमाना/जमाना)
- दोषी को _________ दी गई। (सजा/सज़ा)
- महात्मा के चेहरे पर _________ था। (तेज/तेज़)
उपसर्ग/प्रत्यय अलग करके मूल शब्द लिखो :
भारतीय, आस्थावान, व्यक्तित्व, स्नेहिल, बेबात, निरादर, प्रत्येक, सुयोग
सौहार्द-सौमनस्य इस पाठ में आए अव्ययों को पहचानो और उनके भेद बताकर उनका अलग-अलग वाक्यों में प्रयोग करो।
शब्द कोश की सहायता से रेखांकित शब्द का विलोम खोजिए तथा उससे नया वाक्य लिखिए:
अब हम उसे दुत्कार रहे हैं।
रेखांकित शब्द से उपसर्ग और प्रत्यय अलग करके लिखिए:
केवल एक ही प्रतिद्वंद्वी जानता है, तुलसीदास।
निम्नलिखित मुहावरे/कहावत में से अनुपयुक्त शब्द काटकर उपयुक्त शब्द लिखिए:
लाठी - पानी - का - बैर - ______ - ______ - ______ - ______
निम्नलिखित शब्दों के लिंग और वचन बदलकर लिखो।
| स्त्रीलिंग | पुल्लिंग | ||
| एकवचन | बहुवचन | एकवचन | बहुवचन |
| भैंस | भैंसें | भैंसा | भैंसे |
| ______ | ______ | बिलाव | ______ |
| घोड़ी | ______ | ______ | ______ |
| ______ | ______ | ______ | नाग |
| ______ | चुहियाँ | ______ | ______ |
सूचना, निर्देश, आदेश, अनुरोध, विनती के वाक्य विरामचिह्न सहित पढ़ो और समझो :
बगीचे के फल-फूल तोड़ना मना है।
निम्न शब्द के तीन पर्यायवाची शब्द रिक्त स्थान में लिखिए:-
| शब्द | पर्यायवाची शब्द | |||
| रत्नाकर | ||||
अशुद्ध शब्द को रेखांकित कर वाक्य शुद्ध करके लिखिए:-
तुमने मेरी पुस्तक क्यों नहीं लौटा दी है?
शब्द के वचन पहचान कर परिवर्तन कीजिए एवं अपने वाक्य में प्रयोग कीजिए:-
मनुष्य
उचित विरामचिह्न लगाइए:-
सूर्य अस्त हुआ आकाश लाल हुआ वराह पोखरों से उठकर घूमने लगे हिरन हरियाली पर सोने लगे और जंगल में धीरे धीरे अँधेरा फैलने लगा
अलंकार पढ़िए और समझिए:
शब्द के लिंग पहचानिए:
झरना = ______
|
कुछ भाषाओं के शब्द किसी भी अन्य भाषा से मित्रता कर लेते हैं और उन्हीं में से एक बन जाते हैं। अंग्रेजी भाषा के कई शब्द जिस किसी प्रदेश में गए, वहॉं की भाषाओं में घुलमिल गए। जैसे- ‘बस, रेल, कार, रेडियो, स्टेशन’ आदि। कहा जाता है कि तमिळ भाषा के शब्द केवल अपने परिवार द्रविड़ परिवार तक ही सीमित रहते हैं। वे किसी से घुलना, मिलना नहीं चाहते। अलबत्ता हिंदी के शब्द मिलनसार हैं परंतु सब नहीं; कुछ शब्द तो अंत तक अपना स्वतंत्र अस्तित्व बनाए रखते हैं। अपने मूल रूप में ही वे अन्य स्थानों पर जाते हैं। कुछ शब्द अन्य भाषा के साथ इस प्रकार जुड़ जाते हैं कि उनका स्वतंत्र रूप खत्म-सा हो जाता है। हिंदी में कुछ शब्द ऐसे भी पाए जाते हैं जो दो भिन्न भाषाओं के शब्दों के मेल से बने हैं। अब वे शब्द हिंदी के ही बन गए हैं। जैसे- हिंदी-संस्कृत से वर्षगाँठ, माँगपत्र; हिंदी-अरबी/फारसी से थानेदार, किताबघर; अंग्रेजी-संस्कृत से रेलयात्री, रेडियोतरंग; अरबी/फारसी-अंग्रेजी से बीमा पाॅलिसी आदि। इन शब्दों से हिंदी का भी शब्द संसार समृद्ध हुआ है। कुछ शब्द अपनी मॉं के इतने लाड़ले होते हैं कि वे मॉं-मातृभाषा को छोड़कर औरों के साथ जाते ही नहीं। कुछ शब्द बड़े बिंदास होते हैं, वे किसी भी भाषा में जाकर अपने लिए जगह बना ही लेते हैं। शब्दों के इस प्रकार बाहर जाने और अन्य अनेक भाषाओं के शब्दों के आने से हमारी भाषा समृद्ध होती है। विशेषतः वे शब्द जिनके लिए हमारे पास प्रतिशब्द नहीं होते। ऐसे हजारों शब्द जो अंग्रेजी, पुर्तगाली, अरबी, फारसी से आए हैं; उन्हें आने दीजिए। जैसे- ब्रश, रेल, पेंसिल, रेडियो, कार, स्कूटर, स्टेशन आदि परंतु जिन शब्दों के लिए हमारे पास सुंदर शब्द हैं, उनके लिए अन्य भाषाओं के शब्दों का उपयोग नहीं होना चाहिए। हमारे पास ‘मॉं’ के लिए, पिता के लिए सुंदर शब्द हैं, जैसे- माई, अम्मा, बाबा, अक्का, अण्णा, दादा, बापू आदि। अब उन्हें छोड़ मम्मी-डैडी कहना अपनी भाषा के सुंदर शब्दों को अपमानित करना है। हमारे मुख से उच्चरित शब्द हमारे चरित्र, बुद्धिमत्ता, समझ और संस्कारों को दर्शाते हैं इसलिए शब्दों के उच्चारण के पूर्व हमें सोचना चाहिए। कम-से-कम शब्दों में अर्थपूर्ण बोलना और लिखना एक कला है। यह कला विविध पुस्तकों के वाचन से, परिश्रम से साध्य हो सकती है। मात्र एक गलत शब्द के उच्चारण से वर्षों की दोस्ती में दरार पड़ सकती हैं। अब किस समय, किसके सामने, किस प्रकार के शब्दों का प्रयोग करना चाहिए इसे अनुभव, मार्गदर्शन, वाचन और संस्कारों द्वारा ही सीखा जा सकता है। सुंदर, उपयुक्त और अर्थमय शब्दों से जो वाक्य परीक्षा में लिखे जाते हैं उस कारण ही अच्छी श्रेणी प्राप्त होती है। अनाप-शनाप शब्दों का प्रयोग हमेशा हानिकारक होता है। प्रत्येक व्यक्ति के पास स्वयं की शब्द संपदा होती है। इस शब्द संपदा को बढ़ाने के लिए साहित्य के वाचन की जरूरत होती है। शब्दों के विभिन्न अर्थों को जानने के लिए शब्दकोश की भी जरूरत होती है। शब्दकोश का एक पन्ना रोज एकाग्रता से पढ़ोगे तो शब्द संपदा की शक्ति का पता चल जाएगा। तो अब तय करो कि अपनी शब्द संपदा बढ़ानी है। इसके लिए वाचन-संस्कृति को बढ़ाओ। पढ़ना शुरू करो। तुम भी शब्द संपदा के मालिक हो जाओगे। |
उपर्युक्त अंश से पंद्रह शब्द ढूँढ़िए उनमें प्रत्यय लगाकर शब्दों को पुनः लिखिए।
‘शिक्षक दिवस’ पर उत्कृष्ट कार्य हेतु विद्यालय द्वारा शिक्षक को सम्मानपत्र देकर उनका अभिनंदन किया जा रहा है। इस सम्मानपत्र से अव्यय ढूँढ़कर उनसे अन्य वाक्य बनाइए:-
|
सम्मानपत्र श्री/श्रीमती. ______ आज डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी के जन्म दिन ‘शिक्षक दिवस’ पर आयोजित अभिनंदन समारोह में हम आपको अपने बीच पाकर हर्षित व गौरवान्वित हैं। आपके मार्गदर्शन में प्राप्त उपलब्धियों पर संपूर्ण विद्यालय, परिवेश व समाज को गर्व है। आपने न केवल विद्यार्थियों की बहुमुखी प्रतिभा और असाधारण योग्यता को उभारा वरन प्रेणाप्रद सफलता भी दिलवाई। आपके इस कार्य तथा आपके अन्य अति विशिष्ट कार्यों के लिए विद्यालय आप का अभिनंदन करते हुए गर्व का अनुभव करता। आपके सहयोग से विद्यालय का विकास अक्षुण्ण होता रहा है। हे! गुरुवर्य, आप सदैव स्वस्थ-संपन्न रहें एवं दीर्घायु हों, ऐसी हम सबकी आत्मिक कामना है। अनंत हार्दिक शुभकामनाओं सहित ... दिनांक:- ५ सितंबर २०१७ शिक्षक दिवस विद्यालय प्रमुख |
निर्देशानुसार अव्यय परिवर्तित करके लिखिए:-
| क्र. | अव्यय भेद | अव्यय शब्द | अन्य वाक्य |
| 1. | क्रिया विशेषण | ||
| 2. | संबंध बोध | ||
| 3. | समुच्चय बोधक | ||
| 4. | विस्मयादि बोधक वाचक |
रिक्त स्थान की पूर्ति अव्यय शब्द से कीजिए और नया वाक्य बनाइए:
मैं उसकी ______ न जाने क्यों आकर्षित हुआ।
नीचे दिए गए विरामचिह्न के सामने उनके नाम लिखकर इनका उपयोग करते हुए वाक्य बनाइए:
| चिह्न | नाम | वाक्य |
| ... |
निम्नलिखित मुहावरे से वाक्य बनाइए।
ईंट से ईंट बजाना
निम्नलिखित वाक्य में रिक्त स्थान की पूर्ति के लिए एक सटीक मुहावरे का चयन कीजिए।
झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई ने शत्रु सेना के सामने ______ स्वीकार नहीं किया।
