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प्रश्न
राम वियोगी की दशा कैसी हो जाती है? स्पष्ट कीजिए।
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उत्तर
राम का वियोग झेल रहे व्यक्ति की दशा दयनीय हो जाती है। कोई मंत्र या उपाय उसे ठीक नहीं कर पाता है। वह इस व्यथा की अधिकता को सह नहीं पाता है और अपने प्राणों से हाथ धो बैठता है। ऐसा व्यक्ति यदि जीता भी है तो उसकी स्थिति पागलों के समान होती है। वह राम से मिलकर ही स्वस्थ हो सकता है।
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भाव स्पष्ट कीजिए −
बिरह भुवंगम तन बसै, मंत्र न लागै कोइ।
भाव स्पष्ट कीजिए−
पोथी पढ़ि पढ़ि जग मुवा, पंडित भया न कोइ।
पाठ में आए निम्नलिखित शब्दों के प्रचलित रुप उदाहरण के अनुसार लिखिए।
उदाहरण − जिवै - जीना
औरन, माँहि, देख्या, भुवंगम, नेड़ा, आँगणि, साबण, मुवा, पीव, जालौं, तास।
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