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प्रश्न
पूर्णवाक्येन उत्तरत -
के सर्वलोकस्य दासाः सन्ति?
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उत्तर
आशायाः दासाः सर्वलोकस्य दासाः सन्ति।
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कांस्यम् अतितरां निनादं करोति।
उचितपदैः सह रिक्तस्थानानि पूरयत-
ये ______ दासाः ते सर्वलोकस्य ______ ( भवन्ति)। येषाम् आशा ______ (भवति) तेषां ______ दासायते।
उचितपदैः सह रिक्तस्थानानि पूरयत -
एकेन अपि ______ साधुना सुपुत्रेण ______ सर्वम् आह्लादितं यथा ______ शर्वरी।
प्रकृतिप्रत्ययविभागं कुरुत -
| शब्द: | प्रत्ययः | विभक्तिः | |
| कृतम् | ...... | ...... | ...... |
प्रकृतिप्रत्ययविभागं कुरुत -
| शब्द: | प्रत्ययः | विभक्तिः | |
| प्रविश्य | ....... | ....... | ....... |
प्रकृतिप्रत्ययविभागं कुरुत -
| शब्द: | प्रत्ययः | विभक्तिः | |
| विमुच्य | ....... | ....... | ....... |
प्रकृतिप्रत्ययविभागं कुरुत -
| शब्द: | प्रत्ययः | विभक्तिः | |
| भेत्तुम् | ...... | ...... | ...... |
प्रकृतिप्रत्ययविभागं कुरुत -
| शब्द: | प्रत्ययः | विभक्तिः | |
| कर्त्तुम् | ...... | ...... | ...... |
पर्यायवाचिभिः सह मेलनं कुरुत -
| (क) | विमुच्य | क्षणमात्रम् |
| (ख) | क्रमेलकः | उष्ट्रः |
| (ग) | याति | परित्यज्य |
| (घ) | कुलालस्य | रात्रिः |
| (ङ) | शर्वरी | जानाति |
| (च) | वेत्ति | कुम्भकारस्य |
| (छ) | करी | गजः |
| (ज) | अजस्रम् | निरन्तरम् |
| (झ) | प्रलपति | कथयति |
| (ञ) | मुहूर्तमात्रम् | गच्छति |
विलोमपदैः सह योजयत -
| (क) | अज्ञतायाः | सज्जनानाम् |
| (ख) | अपण्डितानाम् | मूर्खाः |
| (ग) | बुधाः | अपमानम् |
| (घ) | मानम् | आयाति |
| (ङ) | खलानाम् | अकृतज्ञम् |
| (च) | याति | निराशायाः |
| (छ) | कृतज्ञम् | विद्वत्तायाः |
| (ज) | आशायाः | अनासक्तम् |
| (झ्) | आसक्तम् | अकृतम् |
| (ञ) | कृतम् | अजीर्णे |
| (ट) | जीर्णे | पण्डितानाम् |
विशेषणं विशेष्येण सह योजयत -
| (क) | एकेन | कुलम् |
| (ख) | अल्पज्ञः | सुपुत्रेण |
| (ग) | सर्वम् | पुरुषः |
| (घ) | एकम् | यत्नः |
| (ङ) | सुमहान् | लोकम् |
कः केन विभाति -
| (क) | गुणी | चन्द्रेण |
| (ख) | शर्वरी | गुणेन |
| (ग) | विद्वान् | बलेन |
| (घ) | सिंह | सुपुत्रेण |
| (ङ) | कुलम् | विद्यया |
अधोलिखितानि पदानि उचितरूपेण संयोज्य वाक्यानि रचयत -
| विधात्रा | सर्वविदाम् | अस्ति | |
| लक्ष्मीः | भूषणम् | विभाति | |
| मौनम् | कण्टकजालम् | एव | |
| शर्वरी | शूरम् | सुपुत्रेण | पश्यति |
| गुणी | तु | शोभते | |
| क्रमेलकः | विनिर्मितम् | ||
| कुलम् | छादनम् | भाति | |
| गुणेन | पश्यति |
पाठस्य चित्रं दृष्ट्वा उचितां पक्तिं चित्वा लिखत -
