मराठी

प्रथम दो छंदों में से अलंकार छाँटकर लिखिए और उनसे उत्पन्न काव्य-सौंदर्य पर टिप्पणी कीजिए।

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

प्रथम दो छंदों में से अलंकार छाँटकर लिखिए और उनसे उत्पन्न काव्य-सौंदर्य पर टिप्पणी कीजिए।

थोडक्यात उत्तर
Advertisements

उत्तर

  1. पहला पद- यह दुःख दगध न जानै कंतू। जोबन जरम करै भसमंतू।प्रस्तुत पद की भाषा अवधी। शब्दों का इतना सटीक वर्णन किया है कि भाषा प्रवाहमयी और गेयता के गुणों से भरी है। भाषा सरल और सहज है। इसमें 'दुःख दगध' तथा 'जोबर जर' में अनुप्रास अलंकार है। वियोग से उत्पन्न विरह को बहुत मार्मिक रूप में वर्णन किया गया है। विरहणि के दुख की तीव्रता पूरे पद में दिखाई देती है।
  2. दूसरा पद- बिरह बाढ़ि भा दारुन सीऊ। कँपि-कँपि मरौं लेहि हरि जीऊ।
    प्रस्तुत पद की भाषा अवधी है। शब्दों का इतना सटीक वर्णन किया गया है कि भाषा प्रवाहमयी और गेयता के गुणों से भरी है। भाषा सरल और सहज है। 'बिरह बाढ़ि' में अनुप्रास अलंकार है। 'कँपि-कँपि' में पुनरुक्ति प्रकाश अलंकार है। पूस के माह में ठंड की मार का सजीव वर्णन किया गया है।
shaalaa.com
अलंकार
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 1.07: मलिक मुहम्मद जायसी (बरहमासा) - प्रश्न-अभ्यास [पृष्ठ ४५]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi Antara Bhag 2 Class 12
पाठ 1.07 मलिक मुहम्मद जायसी (बरहमासा)
प्रश्न-अभ्यास | Q 6. | पृष्ठ ४५
Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×