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महाराष्ट्र राज्य शिक्षण मंडळएचएससी कला (इंग्रजी माध्यम) इयत्ता ११ वी

प्रस्तुत निबंध में निहित मानवीय भावों से संबंधित विचार लिखिए।

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प्रश्न

प्रस्तुत निबंध में निहित मानवीय भावों से संबंधित विचार लिखिए।

थोडक्यात उत्तर
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उत्तर

प्रस्तुत पाठ में मछुवा-मछुवी और मछली की कथा के माध्यम से मानवीय भावों को उजागर किया गया है। एक ओर जहाँ मनुष्य की महत्त्वाकांक्षाएँ पूर्ण होने के बावजद भी उसे उससे संतुष्टि नहीं मिलती। उसमें और अधिक पाने की लालसा जागृत होने लगती है और जब उसकी सारी महत्त्वाकांक्षाएँ पूर्ण होती जाती हैं तब उसमें स्वयं को सर्वशक्तिमान बनाने की अभिलाषा उत्पन्न होती है। उसकी महत्त्वाकांक्षाओं का कभी अंत नहीं होता, बल्कि वे बढ़ती जाती है।

वहीं दूसरी ओर मनुष्य अपने दोषों को छिपाकर दूसरों पर ही दोष लगाते हैं। दूसरों के कामों को महत्त्व न देकर केवल अपने ही कामों को महत्त्व देते हैं। किसी पर किए गए अपने उपकार को निस्संकोच कहते हैं, परंतु किसी ने उनकी सेवा की या उसे उससे कुछ लाभ प्राप्ति हुई हो, इसका वे कहीं जिक्र भी नहीं करते। ऐसा करके वे बस खुद को महान बनाने की कोशिश करते रहते हैं।

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गद्य (Prose) (11th Standard)
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पाठ 10: महत्त्वाकांक्षा और लोभ - पाठ पर आधारित लघुत्तरी प्रश्न [पृष्ठ ५४]

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बालभारती Hindi Yuvakbharati Standard 11 Maharashtra State Board
पाठ 10 महत्त्वाकांक्षा और लोभ
पाठ पर आधारित लघुत्तरी प्रश्न | Q 1 | पृष्ठ ५४
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