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प्रेमचंद जी ने इस कहानी का नाम ‘नादान दोस्त’ रखा। आप इसे क्या शीर्षक देना चाहोगे?

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प्रश्न

प्रेमचंद जी ने इस कहानी का नाम ‘नादान दोस्त’ रखा। आप इसे क्या शीर्षक देना चाहोगे?

टीपा लिहा
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उत्तर

मैं इसे शीर्षक देना चाहूँगा-‘चिड़िया के अंडे’ या ‘रक्षा में हत्या’ अथवा ‘बच्चों की नादानी’।

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गद्य (Prose) (Class 6)
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 3: नादान दोस्त - कहानी से आगे [पृष्ठ २०]

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एनसीईआरटी Hindi - Vasant Part 1 Class 6
पाठ 3 नादान दोस्त
कहानी से आगे | Q 3 | पृष्ठ २०

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पराक्रमी, साहसी, निडर, पितृभक्त, वीर, शांत, दूरदर्शी, त्यागी, लालची, अज्ञानी, दुश्चरित्र, दीनबन्धु, गंभीर, स्वार्थी, उदार, धैर्यवान, अड़ियल, कपटी, भक्त, न्यायप्रिय, और ज्ञानी।

राम

______

सीता

______

लक्ष्मण

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कैकेयी

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रावण

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हनुमान

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विभीषण

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भरत

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बब्बन अपना काम खुद करता है।
सुधा ने अपने लिए कुछ नहीं खरीदा।
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  2. अपने से
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  4. अपने पर
  5. अपने लिए
  6. आपस में

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