मराठी

पारिस्थितिकीविद् किस प्रकार विश्व की कुल जातियों का आकलन करते हैं? - Biology (जीव विज्ञान)

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

पारिस्थितिकीविद् किस प्रकार विश्व की कुल जातियों का आकलन करते हैं?

सविस्तर उत्तर
Advertisements

उत्तर

पृथ्वी पर जातीय विविधता समान रूप से वितरित नहीं है, बल्कि एक रोचक प्रतिरूप दर्शाती है। पारिस्थितिकीविद् विश्व की कुल जातियों का आंकलन अक्षांशों पर तापमान के आधार पर करते हैं। जैव विविधता साधारणतया, उष्ण कटिबंध क्षेत्र में सबसे अधिक तथा ध्रुवों की तरफ घटती जाती है। उष्ण कटिबंध क्षेत्र में जातीय समृद्धि के महत्त्वपूर्ण कारण इस प्रकार हैं- उष्ण कटिबंध क्षेत्रों में जैव जातियों को विकास के लिए अधिक समय मिला तथा इस क्षेत्र को अधिक सौर ऊर्जा प्राप्त हुई जिससे उत्पादकता अधिक होती है। जातीय समृद्धि किसी प्रदेश के क्षेत्र पर आधारित होती है। पारिस्थितिकीविद् प्रजाति की उष्ण एवं शीतोष्ण क्षेत्र में मिलने की प्रवृत्ति, अधिकता आदि की अन्य जंतु व पादपों से तुलना कर उसके अनुपात की गणना और आकलन करते हैं।

shaalaa.com
जैव विविधता
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 13: जैव - विविधता एवं संरक्षण - अभ्यास [पृष्ठ २४७]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Jeev Vigyan [Hindi] Class 12
पाठ 13 जैव - विविधता एवं संरक्षण
अभ्यास | Q 2. | पृष्ठ २४७

संबंधित प्रश्‍न

जैव-विविधता के तीन आवश्यक घटकों (कंपोनेंट) के नाम बताइए।


उष्ण कटिबंध क्षेत्रों में सबसे अधिक स्तर की जाति-समृद्धि क्यों मिलती है? इसकी तीन परिकल्पनाएँ दीजिए?


जातीय-क्षेत्र संबंध में समाश्रयण (रिग्रेशन) की ढलान का क्या महत्त्व है?


किसी भौगोलिक क्षेत्र में जाति क्षति के मुख्य कारण क्या हैं?


पारितंत्र के कार्यों के लिए जैवविविधता कैसे उपयोगी है?


पादपों की जाति विविधता (22 प्रतिशत) जंतुओं (72 प्रतिशत) की अपेक्षा बहुत कम है; क्या कारण है कि जंतुओं में अधिक विविधता मिलती है?


क्या आप ऐसी स्थिति के बारे में सोच सकते हैं, जहाँ पर हम जानबूझकर किसी जाति को विलुप्त करना चाहते हैं? क्या आप इसे उचित समझते हैं?


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×