मराठी

“पानी की कहानी” पाठ में ओस की बूंद अपनी कहानी स्वयं सुना रही है और लेखक केवल श्रोता है इस आत्मकथात्मक शैली में आप भी किसी वस्तु का चुनाव करके कहानी लिखें। - Hindi (हिंदी)

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

“पानी की कहानी” पाठ में ओस की बूंद अपनी कहानी स्वयं सुना रही है और लेखक केवल श्रोता है इस आत्मकथात्मक शैली में आप भी किसी वस्तु का चुनाव करके कहानी लिखें।

लेखन कौशल्य
Advertisements

उत्तर

सर्दियों के दिन थे। एक दिन हल्की आवाज सुनकर मैं बाहर निकला, यह सोचकर कि शायद कोई हो, लेकिन आवाज कुर्सी पर गिरी ओस की बूंदों से हो रही थी। मैंने अपनी लोहे की कुर्सी बाहर ही छोड़ दी थी और किताबें तथा अन्य सामान अंदर ले गया। पर भूल से कुर्सी को कमरे के बाहर ही छोड़ दिया।

अंदर पढ़ते हुए मुझे फिर से कुर्सी से आवाज सुनाई दी। मैं बाहर गया और गीली कुर्सी को अंदर लाया। तभी कुर्सी ने अपनी कहानी बतानी शुरू की। उसने बताया कि वह कभी मोटे लोहे की छड़ का हिस्सा थी। फैक्ट्री के मालिक ने उस लोहे को बेच दिया। जिसने इसे खरीदा, उसने भट्ठी में पिघलाकर पतली छड़ें और सीटें बनाने के लिए खूब पीटा। इस प्रक्रिया में उसे असहनीय दर्द सहना पड़ा।

इसके बाद उसके कटे टुकड़ों को गर्म सलाखों की मदद से जोड़कर कुर्सी का आकार दिया गया। अलग-अलग हिस्सों को जोड़ने के लिए नट-बोल्ट लगाए गए, और इस पूरी प्रक्रिया में उसे बहुत तकलीफ हुई। फिर उसे चमकीले रंग से पेंट करके आकर्षक बनाया गया और बाजार में बेच दिया गया।

बाजार से मैं उसे खरीद लाया, और तब से वह मेरी सेवा में लगी हुई है। कुर्सी ने मुझसे कहा, "मैं तुम्हारे आराम का साधन बनी हूँ। पर तुम भी मेरा ख्याल रखा करो। बाहर रातभर ठंड में रहने से मैं ठिठुर कर मर जाऊँगी।"

shaalaa.com
गद्य (Prose) (Class 8)
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 16: पानी की कहानी - पाठ से आगे [पृष्ठ १०७]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi - Vasant Part 3 Class 8
पाठ 16 पानी की कहानी
पाठ से आगे | Q 2 | पृष्ठ १०७

संबंधित प्रश्‍न

(क) अंग्रेज़ी सरकार शिक्षा के प्रसार को नापसंद करती थी। क्यों?

(ख) शिक्षा के प्रसार को नापसंद करने के बावजूद अंग्रेज़ी सरकार को शिक्षा के बारे में थोड़ा-बहुत काम करना पड़ा। क्यों?


अब अपने घर के बारे में सोचो। तुम्हारे घर में यदि गौरैया आना चाहे तो वह कहाँ-कहाँ से अंदर घुस सकती है? इसे अपने शिक्षक को बताओ।


सलमा ने ऐसा क्यों कहा कि मैं तो अब जीना चाहती हूँ?


नीचे लिखे वाक्य को अपने ढंग से सार्थक रूप में तुम जिस तरह भी लिख सकते हो वैसे लिखो।

गोमा ने फिर हिम्मत बटोरी


"जब नाटक में अभिनय करने वाले कलाकार भी नए हों, मंच पर आकर डर जाते हों, घबरा जाते हों और कुछ-कुछ बुद्धू भी हों, तब तो अधूरी तैयारी से खेलना ही नहीं चाहिए।"

ऊपर के वाक्य में नाटक से जुड़े कई शब्द आए हैं; जैसे–अभिनय, कलाकार और मंच आदि।

तुम पूरी कहानी को पढ़कर ऐसे ही और शब्दों की सूची बनाओ।

तुम इस सूची की तालिका इस प्रकार बना सकते हो -

व्यक्तियों या वस्तुओं के नाम

काम

कलाकार, मंच

अभिनय

कहानी में से चुनकर कुछ संवाद नीचे दिए गए हैं। उन संवादों को अभिनय के साथ बोलकर दिखाओ।

(क) चित्रकार महोदय हाथ में कूची पकड़े-आँखें नचा-नचाकर, मटक-मटककर बोल रहे थे, "अरे चमगादड़, तुझे क्या खाक शायरी करना आता है। ज़बरदस्ती ही तुझे यह पार्ट दे दिया। तूने सारा गड़बड़ कर दिया।"

(ख) मोहन बोला, "मेरा तो दिल बहुत ज़ोरों से धड़क रहा है।"

(ग) राकेश पहुँचते ही एक कुर्सी पर बैठते हुए बोला, "बोला, "आज मुझे अस्पताल में हाथ पर पट्टी बँधवाने में देर हो गई, तो तुमने इस तरह 'रिहर्सल' की है। ज़ोर-ज़ोर से लड़ने लगे।"

(घ) चित्रकार महोदय ने हाथ उठाकर कहा, "देख, मुँह सँभालकर बोल।"


"घबराइए नहीं, रेखा जी–देखिए मेरा बेटा भी तो है लेकिन अजय पर तो मुझे पूरा विश्वास है"

अजय की माँ नरेंद्र की माँ से ऐसा क्यों कहती है?


लाख की वस्तुओं का निर्माण भारत के किन-किन राज्यों में होता है? लाख से चूड़ियों के अतिरिक्त क्या-क्या चीजें बनती हैं? ज्ञात कीजिए


''गज़ब हो गया। ऐसी बस अपने आप चलती है।''

• लेखक को यह सुनकर हैरानी क्यों हुई?


रामधारी सिंह ‘दिनकर’ की कविता ‘ भगवान के डाकिए’ आपकी पाठ्यपुस्तक में हैउसके आधार पर पक्षी और बादल को डाकिए की भाँति मानकर अपनी कल्पना से लेख लिखिए


पाठ की तीसरी साखी-जिसकी एक पंक्ति है 'मनुवाँ तो दहुँ दिसि फिरै, यह तो सुमिरन नाहिं' के द्वारा कबीर क्या कहना चाहते हैं?


'कामचोर' कहानी क्या संदेश देती है?


घरेलू नौकरों को हटाने की बात किन-किन परिस्थितियों में उठ सकती है? विचार कीजिए।


यदि राजा के राज्य के सभी कारीगर अपने-अपने श्रम का उचित मूल्य प्राप्त कर रहे होते तब गवरइया के साथ उन कारीगरों का व्यवहार कैसा होता?


 लेखक ने इस कहानी का शीर्षक कहानी के दो पात्रों के आधार पर रखा हैलेखक ने इस कहानी के लिए बाज और साँप को ही क्यों चुना होगा? क्या यही कहानी किसी और पात्रों द्वारा भी कही जा सकती है? आपस में चर्चा कीजिए


किसी मूक सिनेमा में बिना आवाज के ठहाकेदार हँसी कैसी दिखेगी? अभिनय करके अनुभव कीजिए।


पानी की कहानी में लेखक ने कल्पना और वैज्ञानिक तथ्य का आधार लेकर ओस की बूंद की यात्रा का वर्णन किया हैओस की बूंद अनेक अवस्थाओं में सूर्यमंडल, पृथ्वी, वायु, समुद्र, ज्वालामुखी, बादल, नदी और जल से होते हुए पेड़ के पत्ते तक की यात्रा करती हैइस कहानी की भाँति आप भी लोहे अथवा प्लास्टिक की कहानी लिखने का प्रयास कीजिए।


“लोगों के लिए यह समझना बड़ा कठिन है कि ग्रामीण औरतों के लिए यह कितनी बड़ी चीज़ है। उनके लिए तो यह हवाई जहाज़ उड़ाने जैसी बड़ी उपलब्धि है।” साइकिल चलाना ग्रामीण महिलाओं के लिए इतना महत्त्वपूर्ण क्यों है? समूह बनाकर चर्चा कीजिए।


बिलवासी जी ने जिस तरीके से रुपयों का प्रबंध किया, वह सही था या गलत?


‘काफ़ी’ शब्द का अर्थ है –पर्याप्त और ‘कॉफ़ी’ का अर्थ होता है एक पेय पदार्थ। दोनों शब्दों की वर्तनी में केवल थोड़ा-सा अंतर होने से अर्थ बदल गया है।

तुम दिए गए शब्द को पढ़ो और वाक्य बनाओ।

बाल, बॉल


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×