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प्रश्न
दिए गए पद्यांश पर आधारित पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए:
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ऊँचे पहाड़ पर, पेड़ नहीं लगते, आरोहियों के लिए आमंत्रण है, (स्रोत: कविता- ऊँचाई कावि-अटल बिहारी वाजपेयी) |
(क) कविता में पहाड़ शब्द किसकी ओर संकेत कर रहा है? (1)
- विद्वान
- बड़े लोग
- नायक
- धनी
(ख) कवि के अनुसार पहाड़ की मजबूरी का निहितार्थ क्या है? (1)
- अत्यधिक ऊँचा होने से अकेले रह जाना
- बड़े लोग अपने गुणों के कारण अकेले रह जाते हैं
- ऊँचाई - निचाई के अंतर के कारण अकेले न रह पाना
- अपनी पहचान बनाने की मज़बूरी में अकेले रहना
(ग) निम्नलिखित में से कविता का मर्म क्या हो सकता है? (1)
- पहाड़ की महानता स्थापित करना
- पर्वतों के सौंदर्य को उकेरना
- मानव के एकाकी होने के कारण का विश्लेषण
- मनुष्य के प्रकृति प्रेम की भावाभिव्यक्ति
(घ) कवि के अनुसार आरोहियों के लिए क्या आमंत्रण है? (1)
(ङ) पहाड़ अभिनंदन का अधिकारी क्यों है? (2)
(च) कवि के अनुसार - ‘जिसका दरस हीन भाव भर दे’ से क्या तात्पर्य है? (2)
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उत्तर
(क) बड़े लोग
(ख) बड़े लोग अपने गुणों के कारण अकेले रह जाते हैं
(ग) मानव के एकाकी होने के कारण का विश्लेषण
(घ) कवि के अनुसार आरोहियों के लिए पहाड़ की ऊँचाई और उसका प्राकृतिक सौंदर्य आमंत्रण का कारक है।
(ङ) पहाड़ को अभिनंदन का अधिकारी उसकी भौगोलिक विशेषताओं के कारण बताया गया है। पेड़ ना लगना, पौधे - घास ना जमना, बहती नदी, अत्यधिक ऊँचाई इत्यादि।
(च) कवि को पहाड़ की ऊँचाई व उसकी अन्य विशेषताओं के समक्ष सभी कुछ लघु लगता है। पहाड़ की ये ऊँचाई तथा विशेषताएँ देखने के बाद व्यक्ति स्वतः हीन भाव से भर जाता।
