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प्रश्न
ऊँचाई की ओर बढ़ते जाने पर लेखिका को परिदृश्य में क्या अंतर नज़र आए?
पूरक पाठ्य पुस्तक के निर्धारित पाठ पर आधारित निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 50-60 शब्दों में लिखिए:
ऊँचाई की ओर बढ़ते जाने पर लेखिका को परिदृश्य में क्या अंतर नज़र आए? 'साना-साना हाथ जोड़ि' यात्रा वृतांत के आधार पर लिखिए।
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उत्तर
'साना-साना हाथ जोड़ि' यात्रा-वृतांत के आधार पर लेखिका ज्यों-ज्यों ऊँचाई की ओर बढ़ती जा रही थी, त्यों-त्यों-
- बाज़ार, लोग और बस्तियाँ कम होती जा रही थीं।
- चलते-चलते स्वेटर बुनने वाली नेपाली युवतियाँ और कार्टून ढोने वाले बहादुर नेपाली ओझल हो रहे थे।
- घाटियों में बने घर ताश के बने घरों की तरह दिख रहे थे।
- हिमालय अब अपने विराट रूप एवं वैभव के साथ दिखने लगा था।
- रास्ते सँकरे और जलेबी की तरह घुमावदार होते जा रहे थे।
- बीच-बीच में रंग-बिरंगे खिले हुए फूल दिख जाते थे।
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'पूरक पाठ्य-पुस्तक' के पाठ पर आधारित निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर लगभग 50-60 शब्दों में लिखिए -
'साना-साना हाथ जोड़ि' - की लेखिका अपनी यात्रा में प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते चलती हैं। पाठ के किन्हीं दो प्रसंगों के उल्लेख के साथ लिखिए कि अगर आप उस स्थान पर होते तो क्या करते?
