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लेखिका ने पहाड़ी औरतों और आदिवासी औरतों में क्या समानता महसूस की? - Hindi Course - A

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प्रश्न

लेखिका ने पहाड़ी औरतों और आदिवासी औरतों में क्या समानता महसूस की?

टीपा लिहा
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उत्तर

लेखिका ने देखा कि कोमल कायावाली औरतें हाथ में कुदाल और हथौड़े लिए भरपूर ताकत से पत्थरों पर मार रही थीं। इनमें से कुछ की पीठ पर बँधी डोको में उनके बच्चे भी बँधे थे। वे भूख से लड़ने के लिए मातृत्व और श्रम साधना साथ-साथ ढो रही थीं। ऐसा ही पलामू और गुमला के जंगलों में लेखिका ने देखा था कि आदिवासी युवतियाँ पीठ पर बच्चे को कपड़े से बाँधकर पत्तों की तलाश में वन-वन डोलती थीं। उनके पाँव फूले हुए थे और इधर पहाड़ी औरतों के हाथों में श्रम के कारण गाँठे पड गई थीं।

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साना-साना हाथ जोड़ि...
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पाठ 3: साना-साना हाथ जोड़ि - अतिरिक्त प्रश्न

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एनसीईआरटी Hindi - Kritika Part 2 Class 10
पाठ 3 साना-साना हाथ जोड़ि
अतिरिक्त प्रश्न | Q 9

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