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प्रश्न
निम्नलिखित विषय पर लगभग 100 शब्दों में रचनात्मक लेख लिखिए:
जैसे ही मैंने नदी के शीतल जल को छुआ
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उत्तर
जैसे ही मैंने नदी के शीतल जल को छुआ
गर्मियों की छुट्टियों में पहाड़ों की सैर के दौरान एक दिन मैं नदी के किनारे जा पहुँचा। वहाँ का नजारा मनमोहक था - चारों तरफ फैली हरियाली और पक्षियों की चहचहाट मन को खुश कर रही थी। ठंडी हवा के मंद झोंके मेरे चेहरे को छू रहे थे, जैसे प्रकृति का स्वागत संदेश दे रहे हों। नदी का पानी दूर से इतना साफ और चमकदार लग रहा था, मानो उस पर शीशा लगा हो।
जैसे ही मैंने नदी के शीतल जल को छुआ, पूरे शरीर में एक ठंडी सिहरन फैल गई। पानी की ठंडक ने मानो गर्मी के मौसम की सारी थकान पल भर में दूर कर दी हो। उसकी लहरें मेरे पैरों से टकराकर बार-बार लौट रही थीं, मानो मुझे छेड़ रही हों। पानी की ठंडक ने न केवल शरीर को तरोताजा कर दिया, बल्कि मन को भी नई ऊर्जा और शांति से भर दिया। मैं कुछ देर वहीं किनारे पर बैठा रहा, हाथ-पैर पानी में डुबोता रहा, लहरों से खेलता रहा।
मैं कुछ देर वहीं बैठा रहा, उस पल मुझे लगा कि जीवन की भागदौड़, चिंताएँ और तनाव सब नदी की धारा में बह गए हैं। प्रकृति के इस शांत और पवित्र अनुभव ने मुझे एहसास कराया कि कभी-कभी रुककर इन छोटे-छोटे पलों को महसूस करना कितना महत्वपूर्ण है। नदी का ठंडा पानी मेरे लिए सुकून और आनंद का एक अनमोल क्षण बन गया, जिसे मैं हमेशा संजोकर रखना चाहूँगा।
