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प्रश्न
निम्नलिखित विषय पर दिए गए संकेत बिंदुओं के आधार पर 80-100 शब्दों में अनुच्छेद लिखिए।
शिक्षक-शिक्षार्थी संबंध
- संबंधों की परंपरा
- वर्तमान समय में आया अंतर
- हमारा कर्तव्य
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उत्तर
शिक्षक-शिक्षार्थी संबंध
भारत में शिक्षकों और विद्यार्थियों के बीच सदियों से अटूट रिश्ता रहा है। शिक्षक देवता से ऊपर है। “गुरु गोविंद दोऊ खड़े काके लागू पाँय, बलिहारी गुरु आपने गोविंद दियो बताय।" माता-पिता अपने बच्चों को विद्यालय भेजते हैं क्योंकि वे शिक्षक पर पूरी तरह से विश्वास करते हैं। सच्चा शिक्षक सभी विद्यार्थियों की सफलता और असफलता का जिम्मेदारी लेता है जब शिक्षक अपनी पूरी क्षमता से विद्यार्थियों को शिक्षित करता है।
शिक्षक शब्दों का अर्थ, महत्व और दायित्व समय के साथ बदल गए। आज शिक्षक बनने पर शिक्षक केवल कुछ घंटे अपने विद्यार्थियों के साथ रहता है, जबकि पहले गुरु सदैव अपने विद्यार्थियों के साथ रहता था। आज शिक्षक का काम सिर्फ विद्यार्थियों को शिक्षा देना रह गया है। जब वह कक्षा में जाकर अपनी कुर्सी पर बैठकर शिक्षण देता है, तो वह न तो इस ओर ध्यान देता है कि क्या उसका छात्र उसकी बात को समझ रहा है और न ही वह मानता है कि छात्र पूरी तरह से शिक्षक से लाभ उठा सकता है।
वर्तमान परिस्थितियों में हमारा दायित्व बनता है कि शिक्षक और विद्यार्थी एक दूसरे से मित्रवत व्यवहार करें। आज विज्ञान का युग है, जहाँ सिद्धांतों पर बहस चल रही है। आज के शिक्षक ऐसे वातावरण में मुश्किल काम कर रहे हैं।
