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निम्नलिखित विषय पर अपने शब्दों में आलेख लिखें: पल्स पोलियो अभियान-सफलता या असफलता

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प्रश्न

निम्नलिखित विषय पर अपने शब्दों में आलेख लिखें:

पल्स पोलियो अभियान-सफलता या असफलता

लेखन कौशल्य
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उत्तर

पल्स पोलियो अभियान-सफलता या असफलता

पोलियो एक गंभीर संक्रामक बीमारी है, जो बच्चों के स्वास्थ्य और भविष्य को प्रभावित कर सकती है। भारत में पोलियो को समाप्त करने के उद्देश्य से पल्स पोलियो अभियान शुरू किया गया। इसके अंतर्गत पाँच वर्ष तक के बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई जाती है और लोगों को पोलियो से बचाव के प्रति जागरूक किया जाता है।

इस अभियान की सबसे बड़ी सफलता यह रही कि देश में पोलियो के मामलों में लगातार कमी आई और भारत को पोलियो-मुक्त देश का दर्जा मिला। सरकार, स्वास्थ्यकर्मियों, स्वयंसेवी संस्थाओं और आम जनता ने मिलकर इस अभियान को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। घर-घर जाकर बच्चों को दवा पिलाने और विशेष पोलियो बूथ लगाने से अधिक से अधिक बच्चों तक पहुँचना संभव हुआ।

अभियान की सफलता के पीछे व्यापक जन-जागरूकता भी एक महत्वपूर्ण कारण रही। रेडियो, टेलीविजन, समाचारपत्रों और प्रचार अभियानों के माध्यम से अभिभावकों को पोलियो की खुराक के महत्व के बारे में बताया गया। पहले जहाँ कुछ लोग टीकाकरण को लेकर संकोच करते थे, वहीं लगातार जागरूकता के कारण लोगों की भागीदारी बढ़ी।

हालाँकि अभियान के दौरान कुछ कठिनाइयाँ भी सामने आईं। दूर-दराज के क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाना, लोगों की गलत धारणाएँ दूर करना और हर बच्चे तक टीके की पहुँच सुनिश्चित करना चुनौतीपूर्ण रहा।

निष्कर्षतः पल्स पोलियो अभियान भारत के सफल जनस्वास्थ्य अभियानों में से एक है। इसकी सफलता यह संदेश देती है कि सरकार और समाज मिलकर किसी बड़ी स्वास्थ्य समस्या का प्रभावी समाधान कर सकते हैं। बच्चों को नियमित टीकाकरण से जोड़ना आगे भी आवश्यक है।

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पाठ 5: विशेष लेखन-स्वरूप और प्रकार - पाठ से संवाद [पृष्ठ १०२]

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एनसीईआरटी Hindi Abhivyakti aur Madhyam Class 11 and 12
पाठ 5 विशेष लेखन-स्वरूप और प्रकार
पाठ से संवाद | Q 4. (ङ) | पृष्ठ १०२
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