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निम्नलिखित प्रश्न को ध्यानपूर्वक पढ़कर प्रश्न के उत्तर लगभग 40 शब्दों में लिखिए: 'अतीत में दबे पाँव' पाठ में लेखक ने सिंधु घाटी सभ्यता को 'जल-संस्कृति' कहा है। इस तथ्य को प्रमाण सहित सिद्ध कीजिए। - Hindi (Core)

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प्रश्न

निम्नलिखित प्रश्न को ध्यानपूर्वक पढ़कर प्रश्न के उत्तर लगभग 40 शब्दों में लिखिए:

'अतीत में दबे पाँव' पाठ में लेखक ने सिंधु घाटी सभ्यता को 'जल-संस्कृति' कहा है। इस तथ्य को प्रमाण सहित सिद्ध कीजिए।

लघु उत्तर
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उत्तर

लेखक ने सिंधु घाटी सभ्यता को 'जल-संस्कृति' कहा है क्योंकि वहाँ जल के संरक्षण और निकासी की सुव्यवस्थित प्रणाली थी। सामूहिक स्नानागार, कुंड, और कुएँ बनाए गए थे। जल को मनुष्य के जीवन का आधार माना गया है, और प्राचीन सभ्यताएँ भी नदियों के किनारे विकसित हुई हैं। आधुनिक युग की प्रमुख समस्याओं में 'जल-संकट' और जल निकासी की समस्या शामिल हैं। सिंधु सभ्यता में सामूहिक स्नान के लिए बने स्नानागार वास्तुकला के उत्कृष्ट उदाहरण हैं। आठ स्नानघर एक पंक्ति में बने हैं, और किसी का द्वार दूसरे के सामने नहीं खुलता। कुंड की दीवारों और तल में चूने और चिरोड़ी के गारे का प्रयोग किया गया है, जिससे पानी न रिसे और गंदा पानी कुंड में न जाए। नगरों में सड़कों के साथ पक्की ईंटों से बनी और ढकी नालियाँ थीं, जिससे जल निकासी का उत्तम प्रबंध था। सिंधु सभ्यता में जल के महत्त्व को देखते हुए कुएँ, कुंड, और विशाल स्नानागार बनाए गए। जल निकासी की सुव्यवस्था के कारण इसे 'जल-संस्कृति' कहा जा सकता है।

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2023-2024 (March) 2/1/2

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