Advertisements
Advertisements
प्रश्न
निम्नलिखित प्रश्न को ध्यानपूर्वक पढ़कर प्रश्न का लगभग 40 शब्दों में उत्तर दीजिए:
शिरीष के फूल पाठ के आधार पर स्पष्ट करें कि लेखक गाँधीजी और शिरीष को एक समान क्यों बताता है?
Advertisements
उत्तर
-
शिरीष पेड़ की सहनशीलता: शिरीष पेड़ चिलचिलाती धूप, लू, वर्षा और आँधी जैसी प्रतिकूल परिस्थितियों में भी अविचल खड़ा रहता है। यह उसकी सहनशीलता और मजबूती को दर्शाता है, जो हर स्थिति में अडिग रहता है।
-
गाँधीजी का संघर्ष: गाँधीजी ने भारत के स्वतंत्रता संग्राम में अन्याय, भेदभाव और हिंसा का दृढ़ता से सामना किया। उन्होंने अहिंसा और सत्य के मार्ग को अपनाते हुए समाज के अन्यायपूर्ण शासन के खिलाफ संघर्ष किया और कभी हार नहीं मानी।
-
शिरीष का अनासक्त स्वभाव: शिरीष अपने वातावरण से रस खींचकर सरस और कोमल बना रहता है, लेकिन यह कार्य वह पूरी अनासक्ति के साथ करता है। यह दर्शाता है कि शिरीष अपने परिवेश में रहते हुए भी उससे आसक्त नहीं होता, बल्कि संतुलन बनाए रखता है।
-
गाँधीजी की दृढ़ता: गाँधीजी अन्यायी शासन के विरोध में बिना किसी लोभ या भय के डटकर खड़े रहे। वे सच्चाई और अहिंसा के मार्ग पर दृढ़ता से चलते रहे, चाहे कितनी भी कठिनाइयाँ आई हों।
इन गुणों के आधार पर लेखक गाँधीजी और शिरीष को एक समान मानता है, क्योंकि दोनों विपरीत परिस्थितियों में भी अडिग रहते हैं और अपने मूल सिद्धांतों से नहीं डिगते।
