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प्रश्न
निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर लगभग 50-60 शब्दों में लिखिए:
'उषा' कविता में 'भोर के नभ' की पवित्रता, निर्मलता और उज्ज्वलता को किन रूपों में वर्णन किया गया है? अपने शब्दों में लिखिए।
लघु उत्तर
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उत्तर
'उषा' कविता में कवि ने प्रातःकालीन आकाश के पवित्र और मोहक दृश्य का सुंदर वर्णन किया है। इस समय आकाश में श्यामलता, श्वेतिमा, और लालिमा का सुंदर मिश्रण नजर आता है। रात्रि की नीरवता समाप्त हो जाती है और प्रकृति में एक नया निखार आ जाता है।
आकाश में स्वच्छता, निर्मलता, और पवित्रता व्याप्त होती है। सरोवरों और नदियों के स्वच्छ जल में पड़ने वाले प्रतिबिंब बेहद आकर्षक और मनमोहक लगते हैं। कवि ने आकाश को लीपे हुए चौके की तरह पवित्र, हल्की लाल केसर से सजी सिल के समान और जल में झलकती गोरी देह के समान बताया है।
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या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
2021-2022 (March) Term 2 - Outside Delhi Set 3
