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प्रश्न
निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर लगभग 50-60 शब्दों में लिखिए:
'पहलवान की ढोलक' पाठ में 'शेर के बच्चे' की उपाधि से किसे संबोधित किया गया है और क्यों?
लघु उत्तर
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उत्तर
'शेर के बच्चे' की उपाधि 'चाँद सिंह' को मिली थी। वह अपने गुरु पहलवान बादल सिंह के साथ पंजाब से पहली बार श्याम नगर मेले में आया था। चाँद सिंह एक सुंदर और मजबूत युवक था, जिसकी काया और अंग-प्रत्यंग से ताकत और सौंदर्य झलकते थे।
मेले के तीन दिनों के भीतर ही उसने पंजाबी और पठानी पहलवानों के समूह में अपनी उम्र और ताकत के बराबर सभी पहलवानों को हराकर अपनी कुशलता साबित की। उसकी शानदार जीत ने उसे 'शेर के बच्चे' की उपाधि दिला दी और वह सबकी प्रशंसा का पात्र बन गया।
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या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
