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प्रश्न
निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर लगभग 50-60 शब्दों में लिखिए:
'लक्ष्मण-मूर्च्छा और राम का विलाप' प्रसंग में संकलित चौपाइयों के आधार पर राम का लक्ष्मण के प्रति प्रेम-भाव का वर्णन कीजिए।
थोडक्यात उत्तर
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उत्तर
लक्ष्मण के मूर्छित होने पर राम दुखी होकर कहते हैं कि लक्ष्मण ने उनके हित के लिए माता-पिता का त्याग कर वनवास स्वीकार किया था। वन में रहते हुए उन्होंने सर्दी, धूप, आँधी जैसी कठिनाइयाँ सहन कीं। राम आगे कहते हैं कि यदि उन्हें पहले से यह ज्ञात होता कि वन में उन्हें अपने भाई से बिछड़ना पड़ेगा, तो वे पिता की आज्ञा कभी नहीं मानते और न ही लक्ष्मण को अपने साथ वन में लाते।
राम लक्ष्मण के बिना स्वयं को असहाय और अक्षम महसूस करते हैं, जैसे पंखों के बिना पक्षी। वे कहते हैं कि यदि भाग्य ने उन्हें लक्ष्मण के बिना जीवित रखा भी, तो उनका जीवन शक्तिहीन और अर्थहीन रहेगा।
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या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
