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प्रश्न
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर (25-30) शब्दों में लिखिए −
महादेव भाई के लिखे नोट के विषय में गांधीजी क्या कहते थे?
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उत्तर
गांधीजी की यह बात -
“महादेव के लिखे ‘नोट’ के साथ थोड़ा मिलान कर लेना था न। और लोग दाँतों अँगुली दबाकर रह जाते।”
यह दर्शाती है कि महादेव देसाई की लेखन शैली, तथ्यात्मक जानकारी और अभिव्यक्ति की शक्ति इतनी प्रभावशाली थी कि उनके द्वारा लिखा गया कोई भी ‘नोट’ या टिप्पणी पूर्णतः सटीक और विश्वसनीय मानी जाती थी।
गांधीजी यह कहना चाहते थे कि महादेव के शब्दों से बेहतर या अधिक सटीक कुछ हो ही नहीं सकता, और जब लोग उनके लिखे हुए को पढ़ते थे, तो आश्चर्यचकित होकर दाँतों तले अंगुली दबा लेते थे, यानी उनकी विद्वता और लेखनी से चकित रह जाते थे।
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