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प्रश्न
निम्नलिखित के कारण बताइए।
मेथिलऐमीन फेरिक क्लोराइड के साथ जल में अभिक्रिया करने पर जलयोजित फेरिक ऑक्साइड का अवक्षेप देता है।
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उत्तर
मेथिलऐमीन में मेथिल समूह के +I प्रभाव के कारण वह जल से अधिक क्षारीय है। इसलिए, मेथिलऐमीन जल के H+ प्रोटॉन को ग्रहण कर OH− आयन का विचरन करती है।
\[\ce{CH3-NH2 + H-OH -> H3N+-CH3 + OH-}\]
FeCl3 आयनिक होने के कारण जल में Fe3+ और Cl− आयन में अलग हो जाता है। अब Fe3+ एवं विचरित OH− आयन संयोग कर जलयोजित फेरिक ऑक्साइड का भूरा अवक्षेप देती है।
\[\ce{FeCl3 -> Fe^{3+} + 3Cl^-}\]
\[\ce{2Fe^{3+} + 6OH^- -> \underset{{(भूरा अवक्षेप)}}{Fe2O3.3H2O}}\]
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