Advertisements
Advertisements
प्रश्न
निम्नलिखित अवतरण को पढ़िए और उसके नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर हिन्दी में लिखिए:
| “यह कैसी विचित्र घड़ी होती है। माता-पिता जिस बेटी का लालन-पालन इतने वर्षों तक लाड़ प्यार से करते हैं उसी बेटी को सदा के लिए दूसरे के हाथों सौंप देते हैं। हर पल साथ रहने वाली बिटिया के लिए घर पराया हो जाता है। घर ही क्या बिटिया भी तो पराया धन ही हो जाती है। |
- प्रस्तुत अवतरण का उल्लेख किसकी शादी के संदर्भ में किया गया है? उसकी शादी कहाँ और किसके साथ हो रही थी? [2]
- ‘बेटी पराया धन होती है’ - भारतीय परंपरा को आधार मानकर इस कथन का अर्थ स्पष्ट कीजिए। [2]
- विदाई के बाद माँ को फूट फूटकर रोता देख मीनू के मस्तिष्क में कौन से विचार घूमने लगे? [3]
- ‘आशा के विवाह में मीनू एक आदर्श बहन तथा योग्य बेटी की भूमिका निभाने में पूर्णतयासफल रही’ - इस कथन को उदाहरण देकर स्पष्ट कीजिए। [3]
आकलन
Advertisements
उत्तर
- इस अंश में आशा के विवाह का उल्लेख किया गया है। आशा के माता-पिता, जिन्होंने उसे स्नेह और देखभाल के साथ पाला था, अब उसे भविष्य के लिए किसी और के हाथों सौंपने जा रहे थे। आशा का विवाह आलोक से हो रहा था, जो दिल्ली में इंजीनियर के पद पर कार्यरत था।
- भारतीय समाज में बेटियों को ‘पराया धन’ कहा जाता है, जिसका अर्थ यह है कि वे जन्म से लेकर विवाह तक माता-पिता के घर की सदस्य होती हैं, किंतु विवाह के बाद उन्हें ससुराल जाना पड़ता है और वहीं उनका नया परिवार बन जाता है।
- विदाई के समय जब मीन ने अपनी माँ को फूट-फूटकर रोते देखा, तो उसके मन में बार-बार यह प्रश्न उठने लगा कि क्यों बेटियों को अपना ही घर छोड़ना पड़ता है और विवाह के बाद उनका अस्तित्व बदल जाता है। यह सोचकर उसे गहरा दुख हुआ कि जिस घर को वह अपना मानती थी, वह अब उसका नहीं रहा।
- आशा के विवाह में मीन ने एक आदर्श बहन और जिम्मेदार बेटी की भूमिका निभाई। उसने पूरे समर्पण और निष्ठा के साथ न केवल विवाह की तैयारियों में सक्रिय भाग लिया, बल्कि अपने माता-पिता को हर प्रकार का सहयोग भी प्रदान किया।
shaalaa.com
या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
