Advertisements
Advertisements
प्रश्न
निम्नलिखित अभिक्रियाओं में से किसमें विषमांगी उत्प्रेरण हो रहा है?
(क) \[\ce{2SO2(g) + O2 (g) ->[NO (g)] 2SO3 (g)}\]
(ख) \[\ce{2SO2 (g) ->[Pt (s)] 2SO3 (g)}\]
(ग) \[\ce{N2 (g) + 3H2 (g) ->[Fe(s)] 2NH3 (g)}\]
(घ) \[\ce{CH3COOCH3 (1) + H2O (l) ->[HCl (l)] CH3COOH (aq) + CH3OH (aq)}\]
पर्याय
(ख), (ग)
(ख), (ग), (घ)
(क), (ख), (ग)
(घ)
Advertisements
उत्तर
(ख), (ग)
स्पष्टीकरण -
अभिक्रिया \[\ce{2SO2 (g) ->[Pt (s)] 2SO3 (g)}\] और अभिक्रिया \[\ce{N2 (g) + 3H2 (g) ->[Fe(s)] 2NH3 (g)}\] में, उत्प्रेरक ठोस अवस्था में होते हैं, और अभिकारक और उत्पाद गैस होते हैं।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
रसोवशोषण के दो अभिलक्षण दीजिए।
कारण बताइए कि सूक्ष्म-विभाजित पदार्थ अधिक प्रभावी अधिशोषक क्यों होता है?
अधिशोषक के सक्रियण से आप क्या समझते हैं? यह कैसे प्राप्त किया जाता है?
निम्नलिखित में से कोन-सी परिस्थिति भौतिक अधिशोषण के लिए एक अनुकूल नहीं है?
निम्नलिखित में से कौन-सा वक्र फ्रॉयन्डलिक अधिशोषण समतापी है?
ठोस उत्प्रेरक के लिए निम्नलिखित में से कौन-से कथन सत्य हैं?
- वही अभिक्रियक दूसरा उत्प्रेरक उपयोग में लाने पर अलग उत्पाद दे सकते हैं।
- उत्प्रेरक अभिक्रिया का Δ H परिवर्तित नहीं करता।
- अभिक्रियाओं के उत्प्रेरण हेतु भारी मात्रा में उत्प्रेरक की आवश्यकता होती है।
- ठोस उत्प्रेरकों की उत्प्रेरण क्रिया रसोवशोषण की प्रबलता पर निर्भर नहीं होती।
आसानी से द्रवित हो जाने वाली गैसों की तुलना में H2 गैस सक्रियित चारकोल पर बहुत कम सीमा तक अधिशोषित होती है, जिसका कारण है-
- अति प्रबल वान्डरवाल्स अन्योन्यक्रिया
- अति दुर्बल वान्डरवाल्स बल
- अति निम्न क्रांतिक ताप
- अति उच्च क्रांतिक ताप
पृष्ठ अध्ययन में पृष्ठ का साफ होना महत्वपूर्ण क्यों है?
ताप बढ़ने पर भौतिक अधिशोषण और रासायनिक अधिशोषण भिन्न व्यवहार क्यों दर्शाते हैं?
इओसिन रंजक की उपस्थिति में श्वेत रंग का सिल्वर हैलाइड का अवक्षेप रंगीन क्यों हो जाता है?
