Advertisements
Advertisements
प्रश्न
अधिशोषक के सक्रियण से आप क्या समझते हैं? यह कैसे प्राप्त किया जाता है?
Advertisements
उत्तर
अधिशोषक के सक्रियण से तात्पर्य अधिशोषक की अधिशोषण क्षमता को बढ़ाना है। इसे अधिशोषक के पृष्ठीय क्षेत्रफल को बढ़ाकर किया जा सकता है। अधिशोषक के पृष्ठीय क्षेत्रफल को निम्नलिखित विधियों द्वारा बढ़ाया जा सकता है –
- अधिशोषित गैसों को हटाकर अर्थात् चारकोल को 650 K से 1330 K के मध्य ताप पर निर्वात् अथवा अतितप्त भाप में गर्म करके सक्रिय किया जा सकता है।
- अधिशोषक को बारीक पीसकर अर्थात् सूक्ष्म विभाजित करके इसकी अधिशोषण क्षमता बढ़ाई जा सकती है।
- अधिशोषक की सतह को खुरदरा करके भी इसकी अधिशोषण क्षमता अर्थात् सक्रियता बढ़ाई जो सकती है।
संबंधित प्रश्न
ताप बढ़ने पर भौतिक अधिशोषण क्यों घटता है?
कारण बताइए कि सूक्ष्म-विभाजित पदार्थ अधिक प्रभावी अधिशोषक क्यों होता है?
निम्नलिखित में से कौन-सा अंतरापृष्ठ प्राप्त नहीं किया जा सकता ?
गैसीय स्पीशीज़ का भौतिक अधिशोषण किसके द्वारा रासायनिक अधिशोषण में परिवर्तित हो सकता है?
निम्नलिखित अभिक्रियाओं में से किसमें विषमांगी उत्प्रेरण हो रहा है?
(क) \[\ce{2SO2(g) + O2 (g) ->[NO (g)] 2SO3 (g)}\]
(ख) \[\ce{2SO2 (g) ->[Pt (s)] 2SO3 (g)}\]
(ग) \[\ce{N2 (g) + 3H2 (g) ->[Fe(s)] 2NH3 (g)}\]
(घ) \[\ce{CH3COOCH3 (1) + H2O (l) ->[HCl (l)] CH3COOH (aq) + CH3OH (aq)}\]
निम्नलिखित में से कौन-सा प्रक्रम सॉल कणों पर विद्युत् आवेश की उपस्थिति के लिए उत्तरदायी नहीं है?
ठोस उत्प्रेरक के लिए निम्नलिखित में से कौन-से कथन सत्य हैं?
- वही अभिक्रियक दूसरा उत्प्रेरक उपयोग में लाने पर अलग उत्पाद दे सकते हैं।
- उत्प्रेरक अभिक्रिया का Δ H परिवर्तित नहीं करता।
- अभिक्रियाओं के उत्प्रेरण हेतु भारी मात्रा में उत्प्रेरक की आवश्यकता होती है।
- ठोस उत्प्रेरकों की उत्प्रेरण क्रिया रसोवशोषण की प्रबलता पर निर्भर नहीं होती।
बादलों पर सिल्वर आयोडाइड छिड़कने से कृत्रिम वर्षा उत्पन्न करना कैसे संभव हो जाता है?
इओसिन रंजक की उपस्थिति में श्वेत रंग का सिल्वर हैलाइड का अवक्षेप रंगीन क्यों हो जाता है?
क्या बुखार के समय शरीर के पाचन जैसे जैव कार्य प्रभावित होते हैं? अपना उत्तर स्पष्ट कीजिए।
