Advertisements
Advertisements
प्रश्न
निम्नलिखित अभिक्रिया में \[\ce{Cr2O^{2-}_7}\] आयनों के एक मोल के अपचयन के लिए कूलॉम में विद्युत की कितनी मात्रा की आवश्यकता होगी?
\[\ce{Cr2O^{2-}_7 + 14H^+ + 6e^- -> 2Cr^{3+} + 7H2O}\]
Advertisements
उत्तर
दी गई अभिक्रिया के अनुसार,
\[\ce{Cr2O^{2-}_7}\] आयनों के एक मोल को 6 मोल इलेक्ट्रॉनों की आवश्यकता होती है।
अतः F = 6 × 96500 C
= 579000 C
अत: \[\ce{Cr^{3+}}\] में अपचयन के लिए 579000 C विद्युत की आवश्यकता होगी।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
यदि एक धात्विक तार में 0.5 ऐम्पियर की धारा 2 घंटों के लिए प्रवाहित होती है तो तार में से कितने इलेक्ट्रॉन प्रवाहित होंगे?
उन धातुओं की एक सूची बनाइए जिनका विद्युत-अपघटनी निष्कर्षण होता है।
निम्नलिखित के अपचयन के लिए कितने आवेश की आवश्यकता होगी?
1 मोल \[\ce{Cu^{2+}}\] को \[\ce{Cu}\] में
निम्नलिखित को प्राप्त करने में कितने फैराडे विद्युत की आवश्यकता होगी?
गलित \[\ce{CaCl2}\] से 20.0 g \[\ce{Ca}\]
निम्नलिखित को प्राप्त करने में कितने फैराडे विद्युत की आवश्यकता होगी?
गलित \[\ce{Al2O3}\] से 40.0 g \[\ce{Al}\]
\[\ce{ZnSO4}\], \[\ce{AgNO3}\] एवं \[\ce{CuSO4}\] विलयन वाले तीन वैद्युतअपघटनी सेलों A, B, C को श्रेणीबद्ध किया गया एवं 1.5 ऐम्पियर की विद्युत धारा, सेल B के कैथोड पर 1.45 g सिल्वर निक्षेपित होने तक लगातार प्रवाहित की गई। विद्युतधारा कितने समय तक प्रवाहित हुई? निक्षेपित कॉपर एवं जिंक को द्रव्यमान क्या होगा?
विद्युत् अपघट्य विलयन की चालकता ______ निर्भर करती है।
(i) विद्युत् अपघट्य की प्रकृति पर
(ii) विद्युत् अपघट्य की सांद्रता पर
(iii) AC स्नोत की श्रिक्त पर
(iv) इलेक्ट्रोडों के मध्य की दूरी पर
कॉपर इलेक्ट्रोडों की उपस्थिति में CuSO4 के जलीय विलयन का विद्युत् अपघटन करने पर क्या होगा?
(i) कैथोड पर कॉपर निक्षेपित होगा।
(ii) ऐनोड पर कॉपर घुलेगा।
(iii) ऐनोड पर आक्सीजन निकलेगी।
(iv) ऐनोड पर कॉपर निक्षेपित होगा।
जलीय विलयन में विद्युत् अपघट्य की चालकता, जल मिलाने से किस प्रकार परिवर्तित होती है?
कॉलम I और कॉलम II के मदों को सुमेलित कीजिए।
| कॉलम I | कॉलम II |
| (i) κ | (a) I × t |
| (ii) ∧m | (b) `∧_"m"//∧_"m"^0` |
| (iii) α | (c) `κ/c` |
| (iv) Q | (d) `sqrt(("G"^**)/"R")` |
