मराठी

निम्नलिखित अभिक्रिया के समीकरण को आयन-इलेक्ट्रॉन तथा ऑक्सीकरण-संख्या विधि (क्षारीय माध्यम में) द्वारा संतुलित कीजिए तथा इनमें ऑक्सीकारक औरअपचायकों की पहचान कीजिए- - Chemistry (रसायन विज्ञान)

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

निम्नलिखित अभिक्रिया के समीकरण को आयन-इलेक्ट्रॉन तथा ऑक्सीकरण-संख्या विधि (क्षारीय माध्यम में) द्वारा संतुलित कीजिए तथा इनमें ऑक्सीकारक और
अपचायकों की पहचान कीजिए-

\[\ce{P4(s) + OH^-(aq) -> PH3(g) + HPO^-_2(aq)}\]

दीर्घउत्तर
Advertisements

उत्तर

आयन इलेक्ट्रॉन विधि से समीकरण संतुलित करना-

पद 1. पहले ढाँचा समीकरण लिखते हैं-

\[\ce{P4(s) + OH^-(aq) -> PH3(g) + H2PO^-_2(aq)}\]

पद 2. दो अर्द्ध अभिक्रियाएँ इस प्रकार हैं-

(i) ऑक्सीकरण अर्द्ध-अभिक्रिया:  \[\ce{\overset{0}{P4}(s) ->H2P\overset{+1}{O^-_2(aq)} }\]

(ii) अपचयन अर्द्ध-अभिक्रिया:  \[\ce{\overset{0}{P4}(s) -> \overset{-3}{PH3}(g)}\]

(P ऑक्सीकारक तथा अपचायक दोनों की भाँति कार्य करता हैं)

पद 3. ऑक्सीकरण अर्द्ध-अभिक्रिया में पहले P परमाणुओं को संतुलित करके O परमाणुओं के संतुलन के लिए हम बाईं ओर आठ जल अणु जोड़ते हैं।

\[\ce{P4(s)  +8H2O(l) -> 4H2PO^-2(aq)}\]

इस अभिक्रिया में H-परमाणु संतुलित करने के लिए आठ H+ आयन दाईं और जोड़ते हैं।

\[\ce{P4(s)  +8H2O(l) -> 4H2PO^-2(aq) + 8H+(aq)}\]

अब चूँकि अभिक्रिया क्षारीय माध्यम में होती है; अतः दोनों ओर OH- आयन जोड़ते है-

\[\ce{P4(s)  +8H2O(l) + 8OH^-(aq) -> 4H2PO^-2(aq) + 8H+(aq) + 8OH^-(aq)}\]

या \[\ce{P4(s)  +8H2O(l) + 8OH^-(aq) -> 4H2PO^-2(aq) + 8H2O(l)}\]

या  \[\ce{P4(s) + 8OH^- (aq)-> 4H2PO^-2(aq)}\]

पद 4. अपचयन अर्द्ध-अभिक्रिया में P परमाणुओं को संतुलित करते हैं- 

\[\ce{P4(s) -> 4PH3(g)}\]

H-परमाणुओं के संतुलन के लिए हम उपर्युक्त अभिक्रिया में बाईं ओर बारह H+ आयन जोड़ देते हैं-

\[\ce{P4(s) + 12H+(aq) -> 4PH3(g)}\]

क्योंकि अभिक्रिया क्षारीय माध्यम में होती है; अतः 12H+ आयनों के लिए 12OH- आयन समीकरण के दोनों ओर जोड़ते है-

\[\ce{P4(s) + 12H+(aq) + 12OH-(aq) -> 4PH3(g) + 12OH-(aq)}\]

H+तथा OH- के संयोग से जल अणु बनने के कारण परिणामी समीकरण निम्नलिखित प्रकार होगी-

\[\ce{P4(s) + 12H2O(l) -> 4PH3(g) + 12OH-(aq)}\]

पद 5. इस पद में हम दोनों अर्द्ध-अभिक्रियाओं में आवेश का संतुलन निम्नवत करते हैं-

\[\ce{P4(s) + 8OH-(aq) -> 4H2PO2^-(aq) + 4e-}\]

\[\ce{P4(s) + 12H2O(l) + 12e- -> 4PH3(g) + 12OH-(aq)}\]

पद 6. उपर्युक्त दोनों अर्द्ध-अभिक्रियाओं को जोड़ने पर-

\[\ce{4P4(s) + 12H2O(l) + 12OH-(aq) -> 4PH3(g) + 12H2PO2^-(aq)}\] 

या \[\ce{P4(s) + 3H2O(l) + 3OH-(aq) -> PH3(g) + 3H2PO2^-(aq)}\]

अंतिम सत्यापन दर्शाता है की समीकरण में परमाणुओं की संख्या तथा आवेश की दॄष्टि में समीकरण में संतुलित हैं।

ऑक्सीकरण संख्या विधि से समीकरण संतुलित करना-

पद 1. अभिक्रिया का ढाँचा इस प्रकार हैं-

\[\ce{P4(s) + OH^-(aq) -> PH3(g) + H2PO^-_2(aq)}\]

पद 2. अभिक्रिया में P की ऑक्सीकरण संख्या लिखते है-

\[\ce{\overset{0}{P4}(s) + OH-(aq) -> \overset{-3}{PH3}(g) + H2\overset{+1}{PO^-2}(aq)}\]

यह इस बात का सूचक है की P ऑक्सीकारक तथा अपचायक दोनों रूप में कार्य करता हैं।

पद 3. P की ऑक्सीकरण अवस्था 3 घटती है तथा 1 बढ़ती है। अतः हमें \[\ce{H2PO2^-}\] की गुना 3 से करनी होगी।

\[\ce{P4(s) + OH-(aq) -> PH3(g) + 3H2PO^-2(aq)}\]

पद 4. चूँकि अभिक्रिया क्षारीय माध्यम में हो रही है तथा दोनों ओर के आयनों का आवेश एकसमान नहीं है। अतः हम बाईं ओर दो OH-आयन जोड़ेंगे जिससे आवेश एकसमान हो जाए।

\[\ce{P4(s) + 3OH-(aq) -> PH3(g) + 3H2PO^-2(aq)}\]

पद 5. इस पद में हाइड्रोजन आयनों को संतुलीत करने के लिए हम तीन जल अणुओं को बाईं ओर जोड़ते है-

\[\ce{P4(s) + 3OH-(aq) + 3H2O(l) -> PH3(g) + 3H2PO^-2(aq)}\] 

यह संतुलित अभिक्रिया है।

shaalaa.com
ऑक्सीकरण-संख्या - अपचयोपचय अभिक्रियाओं का संतुलन
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?

संबंधित प्रश्‍न

निम्नलिखित स्पीशीज में तत्त्व रेखांकित तत्व की ऑक्सीकरण संख्या का निर्धारण कीजिए-

H4P2O7


निम्नलिखित स्पीशीज में रेखांकित तत्त्व की ऑक्सीकरण संख्या का निर्धारण कीजिए-

K2MnO4


निम्नलिखित स्पीशीज में रेखांकित तत्त्व की ऑक्सीकरण संख्या का निर्धारण कीजिए-

H2S2O7


निम्नलिखित यौगिक के रेखांकित तत्व की ऑक्सीकरण-संख्या क्या है तथा इस परिणाम को आप कैसे प्राप्त करते हैं?

KI3


निम्नलिखित यौगिक के रेखांकित तत्त्व की ऑक्सीकरण संख्या क्या है तथा इस परिणाम को आप कैसे प्राप्त करते हैं?

H2S4O6


निम्नलिखित यौगिक के रेखांकित तत्व की ऑक्सीकरण संख्या क्या है तथा इस परिणाम को आप कैसे प्राप्त करते हैं?

Fe3O4


निम्नलिखित यौगिक के रेखांकित तत्व की ऑक्सीकरण संख्या क्या है तथा इस परिणाम को आप कैसे प्राप्त करते हैं?

CH3CH2OH


निम्नलिखित अभिक्रिया का अपचयोपचय अभिक्रिया के रूप में औचित्य स्थापित करने का प्रयास कीजिए-

\[\ce{CuO(s) + H2(g) + Cu(s) + H2O(g)}\]


निम्नलिखित अभिक्रिया के समीकरण को आयन-इलेक्ट्रॉन तथा ऑक्सीकरण संख्या विधि (क्षारीय माध्यम में) द्वारा संतुलित कीजिए तथा इनमें ऑक्सीकारक और अपचायकों की पहचान कीजिए-

\[\ce{N2H4(l) + CIO^-_3(aq) -> NO(g) + CI^-(g)}\]


Mn3+ आयन विलयन में अस्थायी होता है तथा असमानुपातन द्वारा Mn2+, MnO2 और H+ आयन देता है। इस अभिक्रिया के लिए संतुलित आयनिक समीकरण लिखिए-


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×