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प्रश्न
निम्न अभिक्रिया के लिए पहले शब्द-समीकरण लिखिए तथा उसके बाद संतुलित समीकरण लिखिएः
तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल लौह के रेतन के साथ अभिक्रिया करता है।
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उत्तर १
- \[\ce{{आयरन} + {हाइड्रोक्लोरिक अम्ल} -> {फेरिक क्लोराइड} + {हाइड्रोजन}}\]
- \[\ce{Fe_{(s)} + 2HCl(dil{.}) -> FeCl2_{(aq)} + H2_{(g)}}\]
उत्तर २
- \[\ce{{हाइड्रोक्लोरिक अम्ल} + {आयरन} -> {फेरिक क्लोराइड} + {हाइड्रोजन}}\]
- \[\ce{6HCl_{(aq)} + 2Fe_{(s)} −> 2FeCl3_{(aq)} + 3H2_{(g)}}\]
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- pH जितनी उच्च होगी, अम्ल उतना ही दुर्बल होगा
- pH जितनी कम होगी, अम्ल उतना ही प्रबल होगा
- pH जितनी कम होगी, अम्ल उतना ही दुर्बल होगा
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जब HCl (g) को जल से गुजारते हैं तो निम्नलिखित में से कौन-सा (कौन-से) कथन सत्य है/हैं?
- यह विलयन में आयनित नहीं होता है क्योंकि यह एक सह-संयोजक यौगिक है।
- यह विलयन में आयनित होता है।
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कॉलम (A) में दिए गए अम्लों का सुमेलन कॉलम (B) में दिए गए उनके सही स्त्रोतों से कीजिए।
| कॉलम (A) | कॉलम (B) |
| (a) लेक्टिक अम्ल | (i) टमाटर |
| (b) ऐसीटिक अम्ल | (ii) नींबू |
| (c) सिट्रिक अम्ल | (iii) सिरका |
| (d) ऑक्सेलिक अम्ल | (iv) दही |
आवर्त सारणी के समूह 2 के तत्त्व का एक सल्फेट, श्वेत एवं मुलायम पदार्थ है जिसको जल में गूँध-गूँध कर विभिन्न प्रकार की आकृतियों में ढाला जा सकता है। जब इस यौगिक को कुछ समय के लिए खुला छोड़ते है तो यह ठोस द्रव्यमान बन जाता है तथा साँचे में ढालने में योग्य नहीं रहता है। सल्फेट लवण को पहचानिए तथा यह इस प्रकार का व्यवहार क्यों प्रदर्शित करता है? संबंधित अभिक्रिया दीजिए।
