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प्रश्न
नीचे लिखे शब्दों में सही अक्षर भरो-
______ टकोण
पर्याय
स
श
ष
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उत्तर
षटकोण
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संबंधित प्रश्न
लेखक की कमजोरी क्या थी?
दादी माँ क्यों उदास रहती थी?
गारो लोग एक स्थान पर क्यों बस जाना चाहते थे?
वर्षों तक इस प्रकार यात्रा होती रही।
वर्षों तक इस प्रकार यात्रा होती ही रही।
नीचे लिखे वाक्यों में सही जगह पर ‘ही’ लगाकर बोलो-
(क) सुधा सुबह तक पढ़ती रही।
(ख) यह पंखा हमेशा आवाज़ करता रहता है।
(ग) गारो लोगों का खानाबदोश जीवन कई सालों तक चलता रहा।
(घ) सुशील थककर सो गया।
(ङ) दो घंटे बाद बस चल पड़ी।
मिनी एक शक भरी नज़र से देखती हुई खड़ी रही।
तुमने पाठ में पढ़ा कि एक बूढ़ी महिला ताड़पत्र से बनी छतरी लिए खड़ी थी। पता करो कि ताड़पत्र से और क्या-क्या बनाया जाता है?
तुम्हारे मन में भी अनेक सवाल उठे होंगे जिनके जवाब तुम्हें नहीं मिले। ऐसे ही कुछ सवालों की सूची बनाओ।
भारत के कुछ नृत्यों और नर्तक/नर्तकियों के नाम पता करो और कक्षा में सबको बताओ।
झलकारीबाई का क्या हुआ?
आसपास की निर्जीव चीज़ों को ध्यान में रखकर कुछ संवाद लिखिए, जैसे-
• चॉक का ब्लैक बोर्ड से संवाद
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पाठ में तैंने, छनभर, खुश करियो-तीन वाक्यांश ऐसे हैं जो खड़ीबोली हिंदी के वर्तमान रूप में तूने, क्षणभर, खुश करना लिखे-बोले जाते हैं लेकिन हिंदी के निकट की बोलियों में कहीं-कहीं इनके प्रयोग होते हैं। इस तरह के कुछ अन्य शब्दों की खोज कीजिए।
चिड़िया कैसी थी?
बहुविकल्पी प्रश्न
यासुकी-चान का घर इनमें से कहाँ था?
यहाँ खाने पकाने और स्वाद से संबंधित कुछ शब्द दिए गए हैं। इन्हें ध्यान से देखिए और उनका वर्गीकरण कीजिए
उबालना, तलना, भूनना, सेंकना, दाल, भात, रोटी, पापड़, आलू, बैंगन, खट्टा, मीठा, तीखा, नमकीन, कसैला।
पिछली शताब्दी में खानपान की बदलती हुई तसवीर का खाका खींचें तो इस प्रकार होगा-
सन् साठ का देशक – छोले-भटूरे
सन् सत्तर का दशक – इडली, डोसा
सन् अस्सी का दशक – तिब्बती (चीनी) भोजन
सन् नब्बे का दशक – पीजा, पाव-भाजी
इसी प्रकार आप कुछ कपड़ों या पोशाकों की बदलती तसवीर का खाका खींचिए।
स्थानीय व्यंजनों की गुणवत्ता में क्या फ़र्क आया है? इसकी क्या वजह हो सकती है?
मथुरा-आगरा के कौन-से व्यंजन प्रसिद्ध रहे हैं?
विस्मयाभिभूत शब्द विस्मय और अभिभूत दो शब्दों के योग से बना है। इसमें विस्मय के य के साथ अभिभूत के अ के मिलने से या हो गया है। अ आदि वर्ण है। ये सभी वर्ण ध्वनियों में व्याप्त हैं। व्यंजन वर्गों में इसके योग को स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है, जैसे क + अ = क इत्यादि। अ की मात्रा के चिह्न (ा) से आप परिचित हैं। अ की भाँति किसी शब्द में आ के भी जुड़ने से अकार की मात्रा ही लगती है, जैसे-मंडल + आकार = मंडलाकार। मंडल और आकार की संधि करने पर (जोड़ने पर) मंडलाकार शब्द बनता है और मंडलाकार शब्द का विग्रह करने पर (तोड़ने पर) मंडल और आकार दोनों अलग होते हैं। नीचे दिए गए शब्दों के संधि-विग्रह कीजिए
संधिविग्रह
नील + आभ = ______ सिंहासन = ______
नव + आगंतुक = ______ मेघाच्छन्न = ______
घर पहुँचने पर बच्चों को घरवालों ने क्या कहा?
रिक्त स्थान भरो -
नमूना → गुड़िया जैसी सुंदर
दूध जैसा _______
