Advertisements
Advertisements
प्रश्न
नदियों से होनेवाले लाभों के विषय में चर्चा कीजिए और इस विषय पर बीस पंक्तियों का एक निबंध लिखिए।
Advertisements
उत्तर
नदियाँ हमारे जीवन का अभिन्न हिस्सा हैं और इनके अनेक लाभ हैं। नदियाँ जल का प्रमुख स्रोत हैं, जो हमारे जीवन के लिए अत्यंत आवश्यक है। नदियों का पानी न केवल पीने के लिए, बल्कि कृषि में सिंचाई के लिए भी इस्तेमाल होता है। नदियाँ हमारे खेतों को उपजाऊ बनाने में मदद करती हैं, जिससे अनाज की पैदावार बढ़ती है। इसके अलावा, नदियाँ आवागमन का एक महत्वपूर्ण साधन भी हैं। बड़ी नदियों पर बने पुल और रास्ते लोगों के लिए यात्रा को सरल बनाते हैं।
नदियों के जल से बिजली भी बनाई जाती है। बाँधों के माध्यम से नदियों का पानी बिजली उत्पन्न करने में मदद करता है। नदियाँ जलवायु को संतुलित रखने में भी सहायक होती हैं और वर्षा लाने में मदद करती हैं। नदियाँ वनस्पतियों और जीव-जंतुओं के लिए भी जीवनदायिनी होती हैं। नदियाँ हमारे धार्मिक और सांस्कृतिक जीवन से भी जुड़ी हुई हैं, क्योंकि कई प्रमुख तीर्थ स्थल नदियों के किनारे बसे होते हैं।
नदियाँ हमें जीवन के लिए आवश्यक संसाधन प्रदान करती हैं। छोटे-छोटे गाँवों में लोग नदियों के जल का उपयोग पीने, नहाने, कपड़े धोने, और जानवरों को पानी देने के लिए करते हैं। नदियाँ हमें अपने जीवन की आवश्यकताएँ पूरी करने का अवसर देती हैं। इसके साथ ही, नदियाँ पर्यटन और संस्कृति के प्रचार-प्रसार में भी मदद करती हैं।
इस प्रकार, नदियाँ हमारे जीवन के अनेक पहलुओं को प्रभावित करती हैं। हमें इन्हें प्रदूषण से बचाना चाहिए और इनके संरक्षण के लिए प्रयास करना चाहिए। नदियाँ न केवल हमारी प्राकृतिक धरोहर हैं, बल्कि हमारे जीवन का आधार भी हैं।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
पक्षी को मैदा से भरी सोने की कटोरी से कड़वी निबौरी क्यों अच्छी लगती है?
बहुविकल्पी प्रश्नोत्तर
रोहिणी को मुरलीवाले के स्वर से किसका स्मरण हो आया?
पुस्तकालय में कितनी पुस्तकें रखी जाती थीं?
लाल कणों का जीवन काल कितना होता है?
मंजरी को कनक क्यों नहीं भाती थी?
पढ़ो और समझो
जन + जाति = जनजाति
सही शब्द भरो।
साहित्य की दृष्टि से भारत का ______ महान है।
क्या तुम किसी पुस्तकालय या पत्रिका के सदस्य हो? उसका नाम लिखो।
तुम्हारे विचार से गरीबी के क्या कारण हैं?
नीचे दी गई जगह में रंगोली का कोई डिज़ायन बनाओ।
नदियों को माँ मानने की परंपरा हमारे यहाँ काफ़ी पुरानी है। लेकिन लेखक नागार्जुन उन्हें और किन रूपों में देखते हैं?
सिंधु और ब्रह्मपुत्र की क्या विशेषताएँ बताई गई हैं?
उपर्युक्त में से दस-पंद्रह संवादों को चुनें, उनके साथ दृश्यों की कल्पना करें और एक छोटा सा नाटक लिखने का प्रयास करें। इस काम में अपने शिक्षक से सहयोग लें।
“वे भी, जान पड़ता है, पार्क में खेलने निकल गए हैं।”
“क्यों भई, किस तरह देते हो मुरली?”
“दादी, चुन्नू-मुन्नू के लिए मिठाई लेनी है। जरा कमरे में चलकर ठहराओ।”
• भाषा के ये प्रयोग आजकल पढ़ने-सुनने में नहीं आते। आप ये बातें कैसे कहेंगे?
शरीर के किसी अंग में अचानक रक्त-संचार रुक जाने से क्या-क्या परिस्थितियाँ उत्पन्न हो सकती हैं?
पाठ में ‘ठिठियाकर हँसने लगी’, ‘पीछे से धकियाने लगी’ जैसे वाक्य आए हैं। ठिठियाकर हँसने के मतलब का आप अवश्य अनुमान लगा सकते हैं। ठी-ठी-ठी हँसना या ठठा मारकर हँसना बोलचाल में प्रयोग होता है। इनमें हँसने की ध्वनि के एक खास अंदाज को हँसी का विशेषण बना दिया गया है। साथ ही ठिठियाना और धकियाना शब्द में ‘आना’ प्रत्यय का प्रयोग हुआ है। इस प्रत्यय से फ़िल्माना शब्द भी बन जाता है। ‘आना’ प्रत्यय से बननेवाले चार सार्थक शब्द लिखिए।
बहुविकल्पी प्रश्न
अप्पू का ध्यान किसकी कहानी पर केंद्रित था?
आप खानपान में आए बदलावों को किस रूप में लेते हैं?
बहुविकल्पी प्रश्न
धनराज कितने कक्षा तक पढ़ाई की?
रिक्त स्थान भरो -
नमूना → गुड़िया जैसी सुंदर
दूध जैसा _______
