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नाली साफ करने वाले ड्रेनेक्स में सूक्ष्म मात्रा में ऐलुमिनियम होता है। यह कॉस्टिक सोडा से क्रिया पर डाइहाइड्रोजन गैस देता है।

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प्रश्न

नाली साफ करने वाले ड्रेनेक्स में सूक्ष्म मात्रा में ऐलुमिनियम होता है। यह कॉस्टिक सोडा से क्रिया पर डाइहाइड्रोजन गैस देता है। यदि 1 bar तथा 20°C ताप पर 0.15 g ऐलुमिनियम अभिक्रिया करेगा तो निर्गमित डाइहाइड्रोजन का आयतन क्या होगा?

संख्यात्मक
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उत्तर

\[\ce{\underset{2 × 26.98 = 53.96 g}{2Al} + 2NaOH + 2H2O -> 2NaAlO2 + \underset{3 × 22.4 = 67.2 L at STP}{3H2}}\]

उपर्युक्त से यह स्पष्ट है कि 53.96 g ऐलुमिनियम NaOH से क्रिया करके STP पर \[\ce{67.2LH^-_2}\] पर बनाता है।

∴ STP पर 0.15 g Al द्वारा उत्पन्न H2 का आयतन = `67.2/53.96 xx 0.15 =` 0.1868 L

माना की 20° C (293 K) और 1 बार (0.987 atm) पर इस हाइड्रोजन का आयतन V2 है। गैस समीकरण के अनुसार,

`("P"_1"V"_1)/("T"_1) = ("P"_2"V"_2)/("T"_2)`

या `(1 xx 0.1868)/273 = (0.987 xx "V"_2)/293`

या `"V"_2 = (0.1868 xx 293)/(0.987 xx 273) = 0.2031` 

L = 203.1 mL

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अंतरा-आण्विक बल
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
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