मराठी
महाराष्ट्र राज्य शिक्षण मंडळएस.एस.सी (इंग्रजी माध्यम) इयत्ता ५ वी

मुखर वाचन करो और अनुलेखन करो : सोआ, मेथी, पालक, चौलाई; हरी सब्जियाँ मन को भाएँ | बैंगन, कुम्हड़ा, लहसुन, प्याज; गाजर, मूली बहुत लुभाएँ | ककड़ी, मटर, आलू लाओ; लाल टमाटर को मित्र बनाओ

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प्रश्न

मुखर वाचन करो और अनुलेखन करो :

सोआ, मेथी, पालक, चौलाई; हरी सब्जियाँ मन को भाएँ |

बैंगन, कुम्हड़ा, लहसुन, प्याज; गाजर, मूली बहुत लुभाएँ |

ककड़ी, मटर, आलू लाओ; लाल टमाटर को मित्र बनाओ |

चुकंदर, भुट्टा, कददू खाओ; हर बीमारी को दूर भगाओ | 

तक्ता
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उत्तर

सोआ
मेथी
पालक
चौलाई
बैगन
कुम्हड़ा
लहसुन
प्याज
गाजर
मूली
ककड़ी
आलू
टमाटर
चुकंदर
भुट्टा
कददू
मटर
वीन्स
shaalaa.com
व्याकरण
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 2.06: जुड़े हम - पहचानो और बताओ 2 [पृष्ठ ३३]

APPEARS IN

बालभारती Hindi Sulabhbharati [English] Standard 5 Maharashtra State Board
पाठ 2.06 जुड़े हम
पहचानो और बताओ 2 | Q २. | पृष्ठ ३३

संबंधित प्रश्‍न

निम्‍न विरमचिन्ह का नाम लिखकर उनका वाक्‍य में प्रयोग करो :

!


निम्‍न शब्द का लिंग पहचानकर लिखो

आत्‍मा


वाक्‍य शुद्ध करके लिखो :

बड़े दुखी लग रहे हो क्‍या हुआ


निम्‍न में से संज्ञा तथा विशेषण पहचानकर भेदों सहित लिखिए तथा अन्य पाठ्‌यपुस्‍तक से खोजकर नए वाक्‍य बनाइए :


सूचनाओंके अनुसार कृतियाँ कीजिए:

1. निम्नलिखित वाक्य में अधोरेखांकित शब्द का शब्दभेद पहचानकर लिखिए: (01)

श्रमजीवियों की मजदूरी एवं आमदनी कम है।

2. निम्नलिखित अव्ययों में से किसी एक अव्यय का अर्थपूर्ण वाक्य में प्रयोग कीजिए: (01)

  1. वाह!
  2. के साथ

3. कृति पूर्ण कीजिए: (01)

शब्द संधि-विच्छेद संधि प्रकार
______ अंत: + चेतना ______
अथवा
सज्जन ______ +______ ______

4. निम्नलिखित वाक्यों में से किसी एक वाक्य की सहायक क्रिया पहचानकर उसका मूल रूप लिखिए: (01)

  1. टैक्सी एक पतली-सी सड़क पर दौड़ पड़ी।
  2. यहाँ सुबह-सुबह बड़ी मात्रा में मछलियाँ पकड़ी गइर्।
सहायक क्रिया मूल क्रिया
______ ______
______ ______

5. निम्नलिखित में से किसी एक क्रिया का प्रथम तथा द्वितीय प्रेरणार्थक क्रियारूप लिखिए: (01)

क्र क्रिया प्रथम प्रेरणार्थक रूप द्वितीय प्रेरणार्थक रूप
1. फैलना ______ ______
2. लिखना ______ ______

6. निम्नलिखित मुहावरों में से किसी एक मुहावरे का अर्थ लिखकर वाक्य में प्रयोग कीजिए: (01)

  1. शेखी बघारना - 
  2. निछावर करना -

अथवा

अधोरेखांकित वाक्यांश के लिए कोष्ठक में दिए मुहावरों में से उचित मुहावरे का चयन करके वाक्य फिर से लिखिए:

(बोलबाला होना, दुम हिलाना)
सिरचन को बुलाओ, चापलूसी करता हुआ हाजिर हो जाएगा।

7. निम्नलिखित वाक्यों में से किसी एक वाक्य में प्रयुक्त कारक चिह्न पहचानकर उसका भेद लिखिए: (01)

  1. करामत अली ने हौका भरते हुए कहा।
  2. पर्यटन में बहुत ही आनंद मिला।

8. निम्नलिखित वाक्य में यथास्थान उचित विरामचिह्नों का प्रयोग करके वाक्य फिर से लिखिए: (01)
मैंने कराहते हुए पूछा ’मैं कहाँ हूँ“

9. निम्नलिखित वाक्यों में से किन्हीं दो वाक्यों का कोष्ठक में दी गई सूचना के अनुसार काल परिवर्तन कीजिए: (02)

  1. सातों तारे मंद पड़ गए। (पूर्ण वर्तमानकाल)
  2. रूपा दौड़ते-दौड़ते व्याकुल होती है। (अपूर्ण भूतकाल)
  3. हम अपने प्रियजनों, परिचितों, मित्रों को उपहार देते हैं। (सामान्य भविष्यकाल)

10. 

  1. निम्नलिखित वाक्य का रचना के आधार पर भेद पहचानकर लिखिए: (01)
    काकी बुद्धिहीन होते हुए भी इतना जानती थी कि मैं वह काम कर रही हूँ।
  2. निम्नलिखित वाक्यों में से किसी एक वाक्य का अर्थ के आधार पर दी गई सूचनानुसार परिवर्तन कीजिए: (01)
  1. तुम्हें अपना ख्याल रखना चाहिए। (आज्ञार्थक वाक्य)
  2. मानू इतना ही बोल सकी। (प्रश्नार्थक वाक्य)

11. निम्नलिखित वाक्यों में से किन्हीं दो वाक्यों को शुद्ध करके फिर से लिखिए:म्नलिखित वाक्यों में से किन्हीं दो वाक्यों को शुद्ध करके फिर से लिखिए: (02)

  1. इस बार मेरी सबसे छोटि बहन पहली बार ससूराल जा रही थी।
  2. आपने भ्रमन तो काफी की हैं।
  3. व्यवस्थापकों और पुँजी लगाने वालों को हजारो-लाखो का मिलना गलत नहीं माना जाता।

निर्देशानुसार संधि विच्छेद, संधि तथा उनका नामोल्लेख कीजिए:

संधि संधि विच्छेद संधि का प्रकार
चतुष्पाद ______ + ______  

पाठ्यपुस्‍तक की दूसरी इकाई के ७ से १३ के पाठों से भेदों सहित क्रियाओं को ढूँढ़कर उनका वाक्‍यों में प्रयोग कीजिए।


वचन बदलिए।

कठिनाइयाँ = ______


इस निबंध के अंश पढ़कर विदेशी, तत्‍सम, तद्भव शब्‍द समझिए। इसी प्रकार के अन्य पाँच-पाँच शब्‍द ढूँढ़िए।

कुछ भाषाओं के शब्द किसी भी अन्य भाषा से मित्रता कर लेते हैं और उन्हीं में से एक बन जाते हैं। अंग्रेजी भाषा के कई शब्द जिस किसी प्रदेश में गए, वहॉं की भाषाओं में घुलमिल गए। जैसे- ‘बस, रेल, कार, रेडियो, स्टेशन’ आदि। कहा जाता है कि तमिळ भाषा के शब्द केवल अपने परिवार द्रविड़ परिवार तक ही सीमित रहते हैं। वे किसी से घुलना, मिलना नहीं चाहते। अलबत्ता हिंदी के शब्द मिलनसार हैं परंतु सब नहीं; कुछ शब्द तो अंत तक अपना स्वतंत्र अस्तित्व बनाए रखते हैं। अपने मूल रूप में ही वे अन्य स्थानों पर जाते हैं। कुछ शब्द अन्य भाषा के साथ इस प्रकार जुड़ जाते हैं कि उनका स्वतंत्र रूप खत्म-सा हो जाता है।

हिंदी में कुछ शब्‍द ऐसे भी पाए जाते हैं जो दो भिन्न भाषाओं के शब्‍दों के मेल से बने हैं। अब वे शब्‍द हिंदी के ही बन गए हैं। जैसे- हिंदी-संस्‍कृत से वर्षगाँठ, माँगपत्र; हिंदी-अरबी/फारसी से थानेदार, किताबघर; अंग्रेजी-संस्‍कृत से रेलयात्री, रेडियोतरंग; अरबी/फारसी-अंग्रेजी से बीमा पाॅलिसी आदि। इन शब्‍दों से हिंदी का भी शब्द संसार समृद्ध हुआ है। कुछ शब्द अपनी मॉं के इतने लाड़ले होते हैं कि वे मॉं-मातृभाषा को छोड़कर औरों के साथ जाते ही नहीं। कुछ शब्द बड़े बिंदास होते हैं, वे किसी भी भाषा में जाकर अपने लिए जगह बना ही लेते हैं।

शब्दों के इस प्रकार बाहर जाने और अन्य अनेक भाषाओं के शब्दों के आने से हमारी भाषा समृद्ध होती है। विशेषतः वे शब्द जिनके लिए हमारे पास प्रतिशब्द नहीं होते। ऐसे हजारों शब्द जो अंग्रेजी, पुर्तगाली, अरबी, फारसी से आए हैं; उन्हें आने दीजिए। जैसे- ब्रश, रेल, पेंसिल, रेडियो, कार, स्कूटर, स्टेशन आदि परंतु जिन शब्दों के लिए हमारे पास सुंदर शब्द हैं, उनके लिए अन्य भाषाओं के शब्दों का उपयोग नहीं होना चाहिए। हमारे पास ‘मॉं’ के लिए, पिता के लिए सुंदर शब्द हैं, जैसे- माई, अम्मा, बाबा, अक्का, अण्णा, दादा, बापू आदि। अब उन्हें छोड़ मम्मी-डैडी कहना अपनी भाषा के सुंदर शब्दों को अपमानित करना है।

हमारे मुख से उच्चरित शब्द हमारे चरित्र, बुद्‌धिमत्ता, समझ और संस्कारों को दर्शाते हैं इसलिए शब्दों के उच्चारण के पूर्व हमें सोचना चाहिए। कम-से-कम शब्दों में अर्थपूर्ण बोलना और लिखना एक कला है। यह कला विविध पुस्तकों के वाचन से, परिश्रम से साध्य हो सकती है। मात्र एक गलत शब्द के उच्चारण से वर्षों की दोस्ती में दरार पड़ सकती हैं। अब किस समय, किसके सामने, किस प्रकार के शब्दों का प्रयोग करना चाहिए इसे अनुभव, मार्गदर्शन, वाचन और संस्कारों द्वारा ही सीखा जा सकता है। सुंदर, उपयुक्त और अर्थमय शब्दों से जो वाक्य परीक्षा में लिखे जाते हैं उस कारण ही अच्छी श्रेणी प्राप्त होती है। अनाप-शनाप शब्दों का प्रयोग हमेशा हानिकारक होता है।

प्रत्येक व्यक्ति के पास स्वयं की शब्द संपदा होती है। इस शब्द संपदा को बढ़ाने के लिए साहित्य के वाचन की जरूरत होती है। शब्दों के विभिन्न अर्थों को जानने के लिए शब्दकोश की भी जरूरत होती है। शब्दकोश का एक पन्ना रोज एकाग्रता से पढ़ोगे तो शब्द संपदा की शक्ति का पता चल जाएगा।

तो अब तय करो कि अपनी शब्द संपदा बढ़ानी है। इसके लिए वाचन-संस्कृति को बढ़ाओ। पढ़ना शुरू करो। तुम भी शब्द संपदा के मालिक हो जाओगे।


नीचे दिए गए विरामचिह्न के सामने उनके नाम लिखकर इनका उपयोग करते हुए वाक्य बनाइए:

चिह्न नाम वाक्य
   

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