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प्रश्न
‘मृत्यु का तरल दूत’ किसे कहा गया है और क्यों?
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उत्तर
मोटी डोरी की शक्ल में गेरुआ झाग–फेन में उलझे बाढ़ के पानी को लेखक ने ‘मृत्यु का तरल दूत’ कहा है, क्योंकि यह वह पानी था जिसका स्वरूप तरल था, परंतु वह मृत्यु का संदेश लेकर तेज़ी से बढ़ रहा था। यह पानी शहरों और गाँवों को मृत्यु के विकराल दूत की भाँति निगलता चला जा रहा था। इसलिए इसे ‘मृत्यु का तरल दूत’ कहा गया है।
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