Advertisements
Advertisements
प्रश्न
आशय स्पष्ट कीजिए-
प्रतिष्ठा के अनेक रूप होते हैं, चाहे वे हास्यास्पद ही क्यों न हो।
Advertisements
उत्तर
उपभोक्तावाद के बढ़ते प्रभाव ने मनुष्य को सुविधाभोगी बना दिया। परन्तु आज सुख-सुविधा का दायरा बढ़कर, समाज में प्रतिष्ठिता बढ़ाने का साधन बन गया है। स्वयं को समाज में प्रतिष्ठित बनाने के लिए लोग कभी-कभी हँसी के पात्र बन जाते हैं। यूरोप के कुछ देशों में मरने से पहले लोग अपनी कब्र के आस-पास सदा हरी घास, मन चाहे फूल लगवाने के लिए पैसे देते हैं। भारत में भी यह संभव हो सकता है। ऐसी उपभोक्तावादी इच्छा हास्यापद ही है।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
जब लेखक को यह अहसास हुआ कि उसके इलाके में भी पानी घुसने की संभावना है तो उसने क्या-क्या प्रबंध किए?
लेखक ने ‘गैरिक आवरण’ किसे कहा है? यह कब और क्यों आच्छादित करता आ रहा था?
गांधी मैदान पहुँचकर लेखक ने कैसा दृश्य देखा? इस मैदान से जुड़ी कौन-कौन-सी यादें भूलती जा रही थीं?
गोपाल प्रसाद विवाह को 'बिज़नेस' मानते हैं और रामस्वरूप अपनी बेटी की उच्च शिक्षा छिपाते हैं। क्या आप मानते हैं कि दोनों ही समान रूप से अपराधी हैं? अपने विचार लिखें।
समाज में महिलाओं को उचित गरिमा दिलाने हेतु आप कौन-कौन से प्रयास कर सकते हैं?
इस एकांकी में आपको शंकर के व्यक्तित्व में कौन-कौन-सी कमियाँ नज़र आईं, उनका वर्णन कीजिए।
पशुओं की किस गुप्त शक्ति से मनुष्य वंचित है?
'हालाँकि उस वक्त मेरा भेष ऐसा नहीं था कि उन्हें कुछ भी खयाल करना चाहिए था।'-
उक्त कथन के अनुसार हमारे आचार-व्यवहार के तरीके वेशभूषा के आधार पर तय होते हैं। आपकी समझ से यह उचित है अथवा अनुचित, विचार व्यक्त करें।
पाठ में कागज़, अक्षर, मैदान के आगे क्रमश: मोटे, अच्छे और विशाल शब्दों का प्रयोग हुआ है। इन शब्दों से उनकी विशेषता उभर कर आती है। पाठ में से कुछ ऐसे ही और शब्द छाँटिए जो किसी की विशेषता बता रहे हों।
आशय स्पष्ट कीजिए-
जाने-अनजाने आज के माहौल में आपका चरित्र भी बदल रहा है और आप उत्पाद को समर्पित होते जा रहे हैं।
हम जाने-अनजाने उत्पाद को समर्पित होते जा रहे हैं’ -का आशय उपभोक्तावाद की संस्कृति के आधार पर कीजिए।
समाज में बढ़ती अशांति और आक्रोश का मूलकारण आप की दृष्टि में क्या है? उपभोक्तावाद की संस्कृति पाठ के आधार पर स्पष्ट कीजिए।
सालिम अली पक्षी-प्रेमी होने के साथ-साथ प्रकृति प्रेमी भी थे। साँवले सपनों की याद पाठ के आधार पर स्पष्ट कीजिए।
आउटरम सेनापति ‘हे’ का अनुरोध स्वीकार नहीं कर पा रहा था, क्यों?
‘मैरी’ कौन थी? मैना से उसकी मित्रता कैसे हुई ?
नीचे दी गई पंक्ति में निहित व्यंग्य को स्पष्ट कीजिए -
तुम परदे का महत्व ही नहीं जानते, हम परदे पर कुर्बान हो रहे हैं।
‘मगर यह कितनी बड़ी ट्रेजडी है’, लेखिका ने ऐसा किस संदर्भ में कहा है?
क्रास्थवेट गर्ल्स कॉलेज का वातावरण पढ़ाई के लिए आदर्श था। पठित पाठ के आलोक में स्पष्ट कीजिए।
ज़ेबुन्निसा महादेवी वर्मा के लिए बहुत काम करती थी। ज़ेबुन्निसा के स्थान पर यदि आप होतीं/होते तो महादेवी से आपकी क्या अपेक्षा होती?
अचानक कुत्ते के आ जाने से गुरुदेव को कैसा लगा और क्यों?
